धनबाद। धनबाद पुलिस के साथ मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश शंकर डे उर्फ शंकर महतो घायल हो गया है। मुठभेड़ मंगलवार की रात मनियाडीह थाना क्षेत्र में हुई। उसके पैर में गोली लगी है। पुलिस ने इलाज के लिए SNMMCH में भर्ती कराया है। बदमाश शंकर डे पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर के सुभाषपल्ली का रहने वाला है। धनबाद पुलिस को गोंदूडीह से लापता राम प्रताप की हत्या में तलाश थी। वह धनबाद के मशहूर कपड़ा व्यवसायी बिहारी लाल चाैधरी हत्याकांड में शूटर के ताैर पर शामिल था। 25 जून, 2009 की रात में चाैधरी की हत्या हुई थी।

पुलिस ने शंकर डे को मैथन क्षेत्र से गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस उसे लेकर मनियाडीह में घटनास्थल की निशानदेही और हथियार बरामदगी के लिए मंगलवार को गई थी। वहीं आरोपित ने एक एएसआई की कमर से पिस्टल झपट कर पुलिस पर गोली चलाई। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें शंकर महतो के पैर में दो गोलियां लगी हैं। घायल आरोपित को मंगलवार देर शाम एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया। इससे पूर्व पुलिस ने उसकी निशानदेही पर प्रताप की हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गोंदूडीह क्षेत्र से राम प्रताप के लापता होने के बाद परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी गई थी। परिजनों ने बताया था कि प्रताप को आखिरी बार उसके साथी शंकर डे के साथ देखा गया था। इसके बाद पुलिस शंकर की तलाश में जुट गई। इसी दौरान उसके मैथन में होने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर गोंदूडीह और मैथन पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में हत्या की बात कबूली: पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में शंकर ने प्रताप की हत्या कर शव टुंडी के मनियाडीह इलाके में फेंकने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने पिछले दिनों मनियाहीह से बरामद अज्ञात युवक के शव की पहचान कराई, जिसकी पहचान प्रताप के रूप में हुई।
तत्पश्चात आरोपित को लेकर पुलिस घटनास्थल पर गई। आरोपित के निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद की तभी पुलिस के साथ मुठभेड़ की घटना घटी। एएसआइ की पिस्टल झपटकर की फायरिंग मनियाडीह में पुलिस की कार्रवाई के दौरान शंकर महतो ने अचानक एक एएसआई की कमर से पिस्टल झपट ली और पुलिस पर गोली चला दी।इसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपित के पैर में दो गोलियां लगीं। वहीं, प्रताप की हत्या में प्रयुक्त हथियार भी आरोपित की निशानदेही पर बरामद कर लिया गया है। पुलिस मामले में आगे जांच कर रही है। बदमाश शंकर डे का साथी था राम प्रताप। वह उसे साथ लूट-पाट में सक्रिय था। पैसे के बंटवारे के लिए दोनों के बीच विवाद हुआ। इसे लेकर शंकर ने हत्या की योजना बनाई। राम प्रताप को लेकर मनियाडीह के नवादा जंगल ले गया। 17 जुलाई की रात वहां पर हत्या कर दी।

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