
रांची। राजधानी रांची में दुर्गा पूजा को लेकर उत्साह बढ़ने लगा है। श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए बुधवार से शहर के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों के पट दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न पंडालों में मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगेगी। वहीं बुधवार को भारतीय नवयुवक संघ, बकरी बाजार, जिला स्कूल स्थित श्री रामलला पूजा समिति, ओसीसी क्लब बंगला स्कूल, रांची रेलवे स्टेशन, अपर बाजार स्थित ज्योति संगम, चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति, मोरहाबादी स्थित गीतांजलि क्लब और राजस्थान मित्र मंडल के पंडालों के पट खुलेंगे। इन पंडालों को अलग-अलग थीम पर आकर्षक रूप दिया गया है। कहीं दक्षिण भारतीय मंदिरों की वास्तुकला की झलक दिखेगी, तो कहीं हस्तनिर्मित कलाकृतियां श्रद्धालुओं को आकर्षित करेंगी।
भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूजा समितियों की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। कई पंडालों में शौचालय की व्यवस्था की गई है। बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए अलग कतार बनाई गई है। वहीं, कुछ पंडालों में दिव्यांगों और चलने-फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं के लिए व्हीलचेयर की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इधर, हरमू स्थित पंच मंदिर और अरगोड़ा श्री दुर्गा पूजा एवं रावण दहन समिति के पंडालों के पट गुरुवार को खोले जाएंगे।
ओसीसी क्लब में कैलाश धाम की होगी अनुभूति
बंगला स्कूल लेन स्थित ओसीसी क्लब के दुर्गा पूजा पंडाल में इस बार श्रद्धालुओं को शिला कैलाश थीम पर आधारित भव्य संरचना देखने को मिलेगी। पंडाल में प्रवेश करते ही कैलाश धाम जैसा आध्यात्मिक वातावरण महसूस होगा। शिलाखंडों को काटने और तराशने की प्राचीन भारतीय परंपरा को आधुनिक तकनीक और कलात्मकता के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है।
मंदिरों और मूर्तियों की शिल्पकला को पंडाल में जीवंत रूप देने का प्रयास किया गया है। इसके निर्माण में करीब पांच टन लोहे का इस्तेमाल किया जा रहा है। पंडाल तैयार करने में लगभग 42 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
जिला स्कूल में दिखेगा बनारस के सर्वेश मंदिर का प्रारूप
जिला स्कूल परिसर में श्री राम लला पूजा समिति की ओर से इस बार बनारस के सर्वेश मंदिर की तर्ज पर पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है। यह रांची के चर्चित पूजा पंडालों में शामिल है। पंडाल के निर्माण पर करीब एक करोड़ 45 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
यहां प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को विभिन्न आध्यात्मिक मूर्तियों के दर्शन होंगे। रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा पंडाल की भव्यता बढ़ाएगी। इसके साथ ही मां दुर्गा की 15 फीट ऊंची प्रतिमा आकर्षण का प्रमुख केंद्र होगी। मंदिर की शैली और रोशनी के संयोजन से श्रद्धालुओं को विशेष धार्मिक वातावरण का अनुभव कराने की तैयारी है।
बकरी बाजार में दिखेगा बृहदेश्वर मंदिर
बकरी बाजार का दुर्गा पूजा पंडाल इस बार तमिलनाडु के तंजावुर स्थित प्रसिद्ध बृहदेश्वर मंदिर के प्रारूप पर तैयार किया जा रहा है। पंडाल का करीब 90 प्रतिशत निर्माण पूरा हो चुका है। लगभग 1.25 करोड़ रुपये की लागत वाला यह शहर के सबसे महंगे पूजा पंडालों में शामिल है। इसकी चौड़ाई 120 फीट और ऊंचाई 100 फीट रखी गई है। यहां मां दुर्गा की 25 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी, जबकि 17 फीट ऊंचे नंदी का भी निर्माण किया जा रहा है। मंदिर जैसी भव्य संरचना श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण होगी। पंडाल का उद्घाटन 14 अक्टूबर को किया जाएगा।
मेन रोड में मां दुर्गा के साथ श्रीकृष्ण के भी होंगे दर्शन
मेन रोड स्थित चंद्रशेखर आजाद दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस बार गुजरात के द्वारिकाधीश मंदिर की तर्ज पर पूजा पंडाल तैयार किया जा रहा है। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पंडाल में श्रद्धालुओं को मां दुर्गा के साथ भगवान श्रीकृष्ण के भी दर्शन होंगे। धार्मिक और स्थापत्य कला को ध्यान में रखकर पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण पूरा होने से पहले ही इसकी चर्चा शुरू हो गई है। मेन रोड में होने के कारण यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
रेलवे स्टेशन पर भगवान विष्णु का वामन अवतार
रांची रेलवे स्टेशन दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस बार भगवान विष्णु के वामन अवतार पर आधारित पूजा पंडाल बनाया जा रहा है। करीब 50 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहे पंडाल में 20 फीट ऊंचे वामन अवतार को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पंडाल में राजा महाबली और भगवान वामन से जुड़े तीन पग भूमि मांगने के प्रसंग को दर्शाया जाएगा। श्रद्धालुओं को पाताल लोक की झलक भी देखने को मिलेगी। नाव के ऊपर 10-10 प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी, जबकि मुख्य प्रवेश द्वार छतरी के आकार का होगा। धार्मिक प्रसंग को कलात्मक तरीके से प्रस्तुत करने की तैयारी है।

