
रांची। पिस्का मोड़ स्थित मालती अपार्टमेंट के एक फ्लैट में चल रहे साइबर ठगी के नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया। एसएसपी को मिली गुप्त सूचना के बाद गठित विशेष टीम ने अपार्टमेंट के तीसरे तल्ले पर स्थित फ्लैट में अचानक धावा बोला। पुलिस कई अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की। पुलिस ने महिला और पुरुष समेत करीब एक दर्जन को गिरफ्तार किया। रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि फ्लैट का इस्तेमाल साइबर ठगी से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। मौके से दर्जनों एटीएम कार्ड, लैपटॉप सहित अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए गए हैं। इसके अलावा इस छापेमारी में लगभग 50 मोबाइल फोन और लगभग 7 से 8 लाख रुपए नकद जब्त किए गए हैं।
सिटी एसपी ने बताया कि गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। टीम ने मालती अपार्टमेंट के तीसरे तल्ले पर पहुंचकर संबंधित फ्लैट की तलाशी ली। इसके बाद वहां मौजूद लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। 11 ठगों को गिरफ्तार किया।
कोतवाली एएसपी ने निखिल राय ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शहर के कुछ इलाकों में फ्लैट किराये पर लेकर साइबर ठगी का धंधा चलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी शुरू की। इस दौरान कुछ फ्लैटों में युवक फोन के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बनाते मिले।
आठ लाख रुपये कैश बरामद : प्रारंभिक जांच में पता चला है कि साइबर ठग लोगों को फोन कर बताते थे कि उनका लोन स्वीकृत हो गया है। इसके बाद जल्द लोन दिलाने और प्रक्रिया पूरी करने का भरोसा देकर उनसे संपर्क बनाए रखते थे। इसी बहाने वे लोगों से मोबाइल पर आने वाला ओटीपी मांगते थे. ओटीपी हासिल करने के बाद आरोपियों द्वारा लोगों के खातों या अन्य डिजिटल सेवाओं का दुरुपयोग कर ठगी की जाती थी। कोतवाली एसएसपी ने बताया की छापेमारी के दौरान पुलिस ने करीब 50 मोबाइल फोन और सात से आठ लाख रुपये नकद बरामद किए हैं, बरामद मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और ठगी की रकम किन खातों में भेजी जाती थी। इसके अलावा, इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और इसके संचालन के तरीके की भी जांच की जा रही है।

