
पटना। ऊर्जा सभागार में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों को अतिरिक्त राज्य वित्तीय सहायता हस्तांतरण कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की ऊर्जा जरूरतों और कानून-व्यवस्था पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। जमुई की हालिया घटना के संदर्भ में अपराधियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि सुशासन और कानून के राज से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने सरकार की अपराध के प्रति जीरो टालरेंस नीति की बात कही।



उन्होंने कहा, “मैं किसी धर्म के पीछे नहीं पड़ता हूं। मेरा यह मानना है, अपराधी अपराधी होता है, अपराधी की जात नहीं होती है।” उन्होंने कहा कि पुलिस को जब भी कोई अपराधी चुनौती देगा, पुलिस उसका जवाब देगी और पीछे नहीं हटेगी।cमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्राथमिक सिद्धांत कानून का राज और न्याय के साथ विकास है। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, बिजेंद्र प्रसाद यादव और ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार ने किया। मुख्यमंत्री का बयान ऐसे समय आया है जब जमुई की घटना को लेकर कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्रवाई पर राजनीतिक चर्चा तेज है।
350 मेगावाट से 10 हजार मेगावाट तक पहुंची खपत : मुख्यमंत्री ने राज्य की ऊर्जा जरूरतों का जिक्र करते हुए कहा कि नीतीश कुमार के समय करीब 350 मेगावाट से शुरू हुई बिजली खपत अब लगभग 10 हजार मेगावाट तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि उद्योगों को गति देने के लिए अगले पांच वर्षों में राज्य के ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को 20 हजार मेगावाट तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
दो साल में कृषि फीडर होंगे सोलर युक्त : मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य सरकार कृषि फीडर में सब्सिडी के रूप में करीब 5500 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में कृषि फीडरों को 100 प्रतिशत सोलर युक्त करने का है। इससे किसानों को सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक मुफ्त और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की योजना है।
सोलराइजेशन से पांच हजार करोड़ की बचत का लक्ष्य : मुख्यमंत्री के अनुसार कृषि फीडरों के पूर्ण सोलराइजेशन से राज्य सरकार को करीब पांच हजार करोड़ रुपये की बचत हो सकती है। सरकार ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के साथ कृषि और औद्योगिक जरूरतों के लिए बिजली की उपलब्धता मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

