
पटना। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच काठमांडू में फंसे महाराष्ट्र के 106 तीर्थयात्रियों को बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन की तत्परता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। नेपाल सीमा से सीतामढ़ी लाए गए सभी तीर्थयात्रियों को शुक्रवार रात पटना पहुंचाया गया, जहां से शनिवार सुबह ट्रेन के जरिए नागपुर के लिए रवाना किया गया।



बताया गया कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद विषम परिस्थितियों में फंसे तीर्थयात्रियों ने महाराष्ट्र सरकार से मदद की गुहार लगाई थी। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने बिहार सरकार से संपर्क कर यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए समन्वय किया। बिहार सरकार के निर्देश पर सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने 28 अगस्त को तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी तीर्थयात्रियों को नेपाल सीमा से सुरक्षित बाहर निकाला।
सीतामढ़ी प्रशासन की टीम ने यात्रियों को एस्कॉर्ट करते हुए नेपाल सीमा से जिले तक पहुंचाया। इस दौरान उनके लिए भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई। प्रशासन की टीम ने उनकी सुरक्षा और यात्रा से जुड़ी जरूरतों पर लगातार निगरानी बनाए रखी।
रेलवे से समन्वय कर लगाए गए दो अतिरिक्त एसी कोच
सीतामढ़ी से सभी तीर्थयात्रियों को पटना लाया गया। इसके बाद उन्हें शनिवार सुबह नागपुर जाने वाली ट्रेन से रवाना किया गया। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए बिहार के मुख्य सचिव ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन से बातचीत की, जिसके बाद संबंधित ट्रेन में दो अतिरिक्त वातानुकूलित कोच लगाए गए। इससे तीर्थयात्रियों को आगे की यात्रा में सुरक्षित और सुविधाजनक सफर की सुविधा मिली।
तीर्थयात्रियों ने बिहार सरकार का जताया आभार
सुरक्षित वापसी की व्यवस्था से संतुष्ट तीर्थयात्रियों ने बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने संकट की स्थिति में प्रशासन की तत्परता, संवेदनशीलता और सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, पूरे राहत अभियान के दौरान बिहार सरकार और सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने महाराष्ट्र सरकार समेत विभिन्न स्तरों पर प्रभावी समन्वय के साथ काम किया। नेपाल सीमा से यात्रियों को सुरक्षित निकालने से लेकर उनके भोजन-पानी और पटना तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
विभाग के मुताबिक, इस अभियान में बिहार सरकार और जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई और अंतर-राज्यीय समन्वय की विदेश मंत्रालय तथा गृह मंत्रालय ने भी सराहना की है।

