पटना। नीट यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच बिहार सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। गृह विभाग ने घोषणा की है कि 26 जुलाई 2026 की शाम छह बजे तक आंदोलन से जुड़े लोगों पर दर्ज सभी प्राथमिकी, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गिरफ्तार और निरुद्ध लोगों को भी शीघ्र रिहा किया जाएगा। गृह विभाग की ओर से सोमवार को जारी बयान में कहा गया कि नीट यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध और परीक्षा व्यवस्था एवं उच्च शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही और सुधार की मांग को लेकर हुए आंदोलनों से जुड़े मामलों को वापस लिया जाएगा।


छात्र संगठनों के आंदोलन के दौरान राज्य के कई जिलों में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ गई थी। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया था।इनमें बड़ी संख्या में छात्र और नाबालिग भी शामिल थे, जिन्हें सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया। वहीं, हिंसा में शामिल लोगों को न्यायालय भेजा गया था।

91 पुलिसकर्मी हुए थे घायल : आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में 91 पुलिस पदाधिकारी और जवान घायल हुए थे। कई सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि एक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया था।

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