
नयी दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की पत्रकार वार्ता के बाद भाजपा ने पलटवार करते हुए उनकी राजनीतिक समझ पर सवाल उठाए। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीतिक समझ शून्य है। सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के आरोपों को एक हताश नेता की झूठी गूंज करार देते हुए कहा कि हार की बौखलाहट में कांग्रेस पार्टी अब लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की नाकाम कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस एंटी-इनकंबेंसी को भारतीय राजनीति का स्थापित सत्य बता रहे हैं, उसके कई ऐतिहासिक उदाहरण उनके दावे से मेल नहीं खाते। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि आज एंटी-इनकंबेंसी इतनी स्ट्रॉन्ग हो गई है कि वह अपनी सीट भी अपने सहयोगी दल की बैसाखी के बिना नहीं जीत सकते। पिछले 25 वर्षों से रायबरेली और अमेठी में समाजवादी पार्टी के समर्थन से कांग्रेस पार्टी जीतती रही है। वरना सोनिया जी और राहुल गांधी जी में इतनी क्षमता नहीं है कि बिना सपा के समर्थन के अपनी खानदानी सीट अपने दम पर निकाल सकें। राहुल गांधी जी और प्रियंका गांधी जी वायनाड में मुस्लिम लीग के समर्थन से जीते हैं, जहां 60 से 65 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है। इनकी क्षमता नहीं है कि बिना मुस्लिम लीग के समर्थन के वहां अपनी सीट निकाल सकें। गुरुवार को भाजपा मुख्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी जिस एंटी-इनकंबेंसी को भारतीय राजनीति का स्थापित सत्य बता रहे हैं, उसके कई ऐतिहासिक उदाहरण उनके दावे से मेल नहीं खाते। उन्होंने तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा का उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता में नहीं लौटी है, जबकि अलग-अलग दौर में अन्य दलों की सरकारें रही हैं।भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के इस दावे पर भी कटाक्ष किया कि वह पिछले 50 वर्षों से राजनीति को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की राजनीति के प्रपंच शिरोमणि और हाइड्रोजन बम का उद्घोष करके हाइड्रोजन गैस लाने वाले महान रसायन वैज्ञानिक राहुल गांधी ने सभी के सामने एक बार फिर एक पीपीटी का प्रदर्शन किया। 50 साल की उम्र से ही सारी चीजें समझ रहे हैं। 5-6 साल की आयु में राजनीति को समझने की ऐसी अद्भुत प्रतिभा सिर्फ पक्की दाढ़ी वाले नौजवान में ही हो सकती है।भाजपा सांसद ने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े राहुल गांधी के दावों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवाल तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। केवल अखबार की खबर के आधार पर सवाल खड़े करना तर्कसंगत नहीं है।
