नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को भाजपा के सेवा संकल्प यात्रा में शामिल युवाओं के साथ संवाद किया। इस दौरान पीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि सेवा ही भाजपा की शासन व्यवस्था और संस्कारों का मूल भाव रही है और पार्टी सेवा के मार्ग से कभी विचलित नहीं होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे आचरण से लोगों को पता चले कि राजनीति में हमें कितनी ही बड़ी सत्ता क्यों न मिल जाए, लेकिन हमारा मूल मार्ग सेवा का ही रहेगा। हम कभी भी सेवा के मार्ग से विचलित नहीं होंगे,भले ही हम कितने ही ऊंचे शिखर पर पहुंच जाएं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सेवा भाव से किए गए कार्यों को लोग याद रखते हैं और सेवा करने वाले व्यक्तियों को आशीर्वाद देते हैं।विकसित भारत के संकल्प को दोहराया : प्रधानमंत्री ने कहा कि राजनीति, चुनाव और शासन व्यवस्था अपनी जगह हैं, लेकिन हम राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के संकल्प को लेकर निकले हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प पूरा करने में युवा पीढ़ी की भूमिका अहम रहने वाली है और युवाओं को इस लक्ष्य से मजबूती के साथ जुड़ना होगा। अलग-अलग राज्यों के युवाओं की भागीदारी वाली यह यात्रा मोदी के 76वें जन्मदिन और निर्वाचित जनप्रतिनिधि के तौर पर उनके सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के अवसर पर निकाली जा रही है। यात्रा के प्रतिभागी फिलहाल देवास जिले में हैं।यात्रा और सेवा का संबंध : मोदी ने गुजरात के वडनगर से उत्तर प्रदेश के वाराणसी तक निकाली जा रही ह्यसेवा संकल्प यात्राह्ण में शामिल प्रतिभागियों से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये संवाद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में यात्रा और सेवा, दोनों ही सामाजिक संस्कारों से जुड़ी रही हैं और अपने लंबे राजनीतिक जीवन में खुद उन्होंने भी कई यात्राओं का संचालन किया है। उन्होंने ह्यसेवा संकल्प यात्राह्ण में शामिल युवाओं से कहा कि लोगों की सेवा ही उनका मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।खुद का दिया उदाहरण : प्रधानमंत्री ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि गुजरात से लेकर दिल्ली तक सेवा ही शासन व्यवस्था और संस्कारों का मूल भाव रही है और जब शासन के मूल में सेवा का भाव होता है, तो हर नीति के केंद्र में ह्यनागरिक देवो भवह्ण का संकल्प होता है। उन्होंने कहा कि जन सेवा से देश सेवा ही उनके जीवन का मूलमंत्र रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा गरीबों, महिलाओं, लड़कियों, मरीजों और आदिवासियों समेत समाज के अलग-अलग तबकों के हित में संचालित योजनाओं की बुनियाद में सेवा का भाव ही है। जब सेवा का भाव देश की नीतियों पर लागू होता है, तो देश को आगे बढ़ाने के लिए सेवा ही सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति बन जाती है।

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