
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गुरुवार को कहा कि सरकार शिक्षा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के एकीकरण को सक्रिय रूप से मजबूत कर रही है। उन्होंने देश में कक्षा तीन से ही छात्रों को एआई की शिक्षा देने की बात कही। प्रधान राष्ट्रीय राजधानी में गुरुवार को भारत बोधन एआई सम्मेलन 2026 को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत के शिक्षा तंत्र में एआई पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है और देश में प्रतिभाओं का एक मजबूत और प्रचुर भंडार मौजूद है। मंत्री ने कहा कि एआई को भारत की शिक्षा प्रणाली में देश के 30 करोड़ छात्रों को कक्षा तीन से लेकर उन्नत अनुसंधान स्तर तक न केवल एक अध्ययन विषय के रूप में, बल्कि एक अनुसंधान विषय, नवाचार के मॉडल और संचार रणनीति के रूप में भी शामिल किया जाएगा।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अपनी प्रतिभा के बूते भारत एआई के क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करेगा। प्रधान ने को कहा कि भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) डिजाइन में समावेशी, संरचना में अंतरसंचालनीय और क्षमता में संप्रभु होगी। दो दिवसीय सम्मेलन में केंद्र और राज्यों के वरिष्ठ नीति निमार्ता, शोधकर्ता, शैक्षणिक संस्थान और उद्योग जगत के नेता भारत के शिक्षा तंत्र को बदलने में एआई की रणनीतिक भूमिका पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आए हैं। जिसमें नवाचार, व्यापक उपयोग और राष्ट्रीय क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। प्रधान ने कहा कि तकनीक देश की शिक्षा प्रणाली का केंद्र बन रही है। सरकार ने शिक्षा में एआई के लिए ह्यसेंटर आॅफ एक्सीलेंसह्ण शुरू किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को ह्यएआई-रेडीह्ण बनाने का आह्वान किया है। भारत का एआई मॉडल समावेशी होगा केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत का एआई मॉडल समावेशी, अंतर-संचालनीय और संप्रभु होगा। कहा कि हमें शिक्षा में एआई को शामिल कर छात्रों को सशक्त और शिक्षकों को समर्थ बनाना है। सभी हितधारकों से अपील है कि वे जिम्मेदार, नैतिक, समावेशी और भारत-केंद्रित एआई मॉडल विकसित करें, ताकि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सके। मशीन और मानवीय संवेदनाओं को जोड़ें शिक्षा मंत्री ने कहा कि एआई केवल तकनीक का विषय नहीं, व्यापक मुद्दा है। कहा कि हर छात्र के लिए एआई जरूरी होगा।
यदि हम मशीन और मानवीय संवेदनाओं को मिलाकर एक मॉडल तैयार करें, तो भारत दुनिया की बड़ी ताकत बन सकता है। 16 से शुरू होगा इंडिया एआई समिट भारत बोधन एआई सम्मेलन का कार्यक्रम 16 से 20 फरवरी के बीच नई दिल्ली में होने वाले बड़े इंडिया एआई समिट से पहले आयोजित किया गया है। इस समिट में वैश्विक तकनीकी जगत के बड़े नाम एनवीडीआईए के सीईओ जेनसन हुआंग, ओपनएआई के सीईओ सैम आॅल्टमैन, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोडेई और क्वालकॉम के सीईओ क्रिस्टियानो आमोन आदि के शामिल होने की संभावना है। आईआईएम लखनऊ के तीन नए एआई कोर्स लॉन्च प्रधान ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) लखनऊ द्वारा संचालित तीन नए एआई कोर्स भी लॉन्च किए। ये कोर्स हैं- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बिजनेस एनालिटिक्स में बीएस, टेक एमबीए और इंटीग्रेटेड बीएस व टेक एमबीए। आईआईएम निदेशक एमपी गुप्ता ने बताया कि बीएस चार वर्षीय पाठ्यक्रम होगा, जो शैक्षिक सत्र 2026-27 से ही शुरू होगा। टेक एमबीए सत्र 20247-28 से आरंभ होगा। इंटीग्रेटेड कोर्स में पांच साल का पाठ्यक्रम होगा, जिसमें छात्र को बीएस और टेक एमबीए दोनों डिग्री मिलेंगी।
