
पटना। बिहार की राजनीति में राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी इन दिनों चर्चा के केंद्र में हैं। RJD से इस्तीफा देने के बाद उनकी राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलों का दौर शुरू हो गया है। अभी तक उन्होंने किसी दल में शामिल होने की घोषणा नहीं की है, लेकिन उनकी हालिया राजनीतिक गतिविधियों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।



इसी बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और मध्यप्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के साथ उनकी तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उनकी नई राजनीतिक भूमिका सामने आ सकती है।
मृत्युंजय तिवारी ने इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय से मुलाकात की तस्वीरें साझा की थीं। उन्होंने विजयवर्गीय को व्यवहारिक, लोकप्रिय और जनप्रिय नेता बताते हुए मुलाकात के दौरान मिले सम्मान और आत्मीयता के लिए आभार भी जताया। हालांकि, यह भी कहा जा रहा है कि यह मुलाकात RJD छोड़ने से पहले की है। इसके बावजूद तस्वीरों ने बिहार की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी बड़े नेता के इस्तीफे के बाद ऐसी मुलाकातों को केवल शिष्टाचार तक सीमित मानना आसान नहीं होता।
मृत्युंजय तिवारी लंबे समय तक RJD के प्रमुख प्रवक्ता और पार्टी के ब्राह्मण चेहरे के रूप में पहचाने जाते रहे हैं। साल 2014 में लालू प्रसाद यादव ने उन्हें पार्टी का मीडिया प्रभारी और प्रवक्ता बनाया था।
इसके बाद उन्होंने लगातार पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा और विपक्षी दलों के खिलाफ आक्रामक तरीके से अपनी बात रखी। उनकी पहचान पार्टी के मुखर नेताओं में होती थी। ऐसे में उनका पार्टी छोड़ना केवल संगठनात्मक बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।

