
रांची। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित पिस्का रेलवे स्टेशन भविष्य में केवल एक आधुनिक स्टेशन ही नहीं, बल्कि रांची रेल मंडल का महत्वपूर्ण वैकल्पिक रेल हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित यह स्टेशन आने वाले वर्षों में रांची रेलवे स्टेशन पर बढ़ते परिचालन दबाव को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को इसका लोकार्पण किया। पहले केवल एक प्लेटफार्म वाले पिस्का स्टेशन का अब विस्तार कर तीन प्लेटफार्म विकसित किए गए हैं।स्टेशन पर आधुनिक प्रतीक्षालय, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी, आकर्षक भवन, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल, पार्किंग और सुगम प्रवेश जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।दिव्यांगजन और वरिष्ठ नागरिकों के लिए लिफ्ट, रैंप, हैंड रेल, टैक्टाइल पाथ, दिव्यांग अनुकूल शौचालय और व्हीलचेयर जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं।भविष्य में बढ़ेगा ट्रेनों का ठहराव : वर्तमान में पिस्का स्टेशन पर छह ट्रेनों का ठहराव होता है। इनमें रांची-लोहरदगा पैसेंजर की तीन सेवाएं, रांची-टोरी, रांची-चोपन और रांची-सासाराम इंटरसिटी एक्सप्रेस शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि स्टेशन के पुनर्विकास और परिचालन क्षमता बढ़ने के बाद यहां भविष्य में और अधिक यात्री ट्रेनों का ठहराव होगा तथा नई ट्रेनों का परिचालन भी शुरू किया जा सकेगा।रेलवे की महत्वाकांक्षी लोधमा–पिस्का रेल लिंक (करीब 17 किलोमीटर) परियोजना पूरी होने के बाद पिस्का स्टेशन का महत्व और बढ़ जाएगा। यह लाइन रांची रेल नेटवर्क के लिए एक प्रमुख बाइपास के रूप में काम करेगी।इसके बनने से राउरकेला की ओर से टोरी अथवा उत्तर भारत जाने वाली मालगाड़ियां तथा कुछ लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनें रांची और हटिया स्टेशन आए बिना सीधे आगे निकल सकेंगी। इससे रांची और हटिया स्टेशनों पर परिचालन दबाव कम होगा तथा इन स्टेशनों पर अन्य यात्री ट्रेनों के संचालन और ठहराव की संभावनाएं बढ़ेंगी।नगड़ी और आसपास के यात्रियों को बड़ी राहत : रेलवे की योजना के अनुसार पिस्का स्टेशन को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है, ताकि यह पश्चिमी रांची क्षेत्र का प्रमुख यात्री स्टेशन बन सके।इससे नगड़ी, पिस्का, इटकी रोड और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए रांची रेलवे स्टेशन तक नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध होने से समय और यातायात दोनों की बचत होगी।आधुनिक सुविधाओं से बदला स्टेशन का स्वरूप : स्टेशन परिसर का आकर्षक फेसाड, नया प्रवेश द्वार और पोर्च, रेट्रो-रिफ्लेक्टिव लाइटिंग, उन्नत प्लेटफार्म, नए शेल्टर, आधुनिक शौचालय, स्वच्छ पेयजल, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, बेहतर प्रकाश एवं पंखे, विकसित सर्कुलेटिंग एरिया, पार्किंग, इल्यूमिनेटेड साइनेज, आईपी आधारित सीसीटीवी कैमरे तथा डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं। साथ ही स्थानीय कला, संस्कृति और विरासत को भी स्टेशन की डिजाइन में प्रमुखता से स्थान दिया गया है।रेलवे अधिकारियों का मानना है कि पिस्का स्टेशन का पुनर्विकास केवल यात्री सुविधाओं का विस्तार नहीं है, बल्कि रांची रेल नेटवर्क की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई एक दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है।




