अमृतसर। पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के इशारे पर आतंकी वारदातों को अंजाम देने वाले दो गिरोह का राजफाश कर चार नाबालिगों सहित नौ लोगों को पकड़ा है। एक गिरोह के आरोपित ने स्वीकार किया है कि वह जंतर-मंतर पर काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के धरने में आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए अपने आठ साथियों के साथ दिल्ली भी जा चुका है।

वे पाकिस्तानी हैंडलर के माध्यम से उत्तर प्रदेश निवासी एक व्यक्ति से भी मिले थे, जिसने उन्हें हथियार व विस्फोटक मुहैया करवाने थे। हालांकि वहां सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के कारण वे वारदात नहीं कर पाए और वापस आ गए। बता दें कि सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर सुरक्षा एजेंसियों को शक था कि यहां बड़ी वारदात हो सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई के दौरान स्पष्ट कहा था कि धरने में शामिल होने वाले आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों के खिलाफ जांच जारी रहनी चाहिए। उन्हें कोई संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि एक गिरोह में तीन नाबालिगों सहित चार और दूसरे गिरोह में एक नाबालिग समेत पांच लोगों को पकड़ा गया है।

सूचना के आधार पर राजासांसी निवासी सुखमन सिंह और उसके तीन नाबालिग साथियों को काबू किया। उनसे चार बोतल बम, दो पिस्तौल, लाइटर और नौ कारतूस बरामद किए गए। सुखमन ने माना कि वह पाकिस्तान में बैठे आइएसआइ हैंडलर के संपर्क में था और वहां से उसे जंतर-मंतर पर वारदात करने का टास्क मिला था।

वह आठ साथियों के साथ वहां गया भी था, लेकिन षड्यंत्र में कामयाब नहीं हो पाया। वह पंजाब में पुलिस इमारतों की रेकी कर रहे थे और उन्हें पुलिसकर्मियों की रेकी करने को भी कहा गया था। दूसरे गिरोह के आरोपितों ने रेलवे ट्रैक पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर फुटेज आइएसआइ तक पहुंचाई थी।

चोरी की बाइक बरामद : आरोपितों पहचान अमृतसर के मोहकमपुरा निवासी वंश कुमार, राजासांसी के गांव झंजोटी निवासी हरमन सिंह व सुखदेव सिंह, गांव जोथ निवासी सुखमन और एक नाबालिग के रूप में हुई।

बीते माह जौड़ा फाटक के पास रेल ट्रैक के पोल पर मिले कैमरे की जांच के दौरान पहले वंश कुमार और उसके नाबालिग दोस्त को पकड़ा गया। उनसे एक पिस्तौल, सीसीटीवी कैमरे, कारतूस और चोरी की बाइक बरामद हुई। दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने साथियों के साथ मिलकर कैमरा लगाया था, जिसके सहारे पाकिस्तान में फुटेज भेजी गई थी। सैन्य इलाकों की संवेदनशील जानकारियां भी बाहर भेज रहे थे। पूछताछ के बाद उन्हें पिस्तौल मुहैया करवाने वाले अनमोल सिंह को गिरफ्तार किया।

इसके बाद पुलिस कैमरे लगाने को लेकर हुई डील के आरोप में सुखदेव सिंह और हमरन सिंह तक पहुंची। वे दोनों आर्म्स एक्ट में जेल में बंद थे, उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया है। कमिश्नरेट पुलिस की पूछताछ के बाद जीआरपी टीम भी इनसे पूछताछ करेगी। सीपी ने बताया कि सभी नाबालिग आर्थिक रूप से गरीब परिवारों के हैं। सभी अपनी पढ़ाई छोड़ चुके हैं।

ये छोटे-छोटे लालच के कारण वह देश विरोधी गतिविधियों में फंसे हैं। इन्हें कांच की बोतलें देकर पेट्रोल बम तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। आगे उन्हें टारगेट देकर रवाना करना था।

ये पकड़े गए
19 वर्षीय वंश दसवीं तक पढ़ा। कोई काम नहीं करता। – 24 वर्षीय हरमन सिंह चाय की दुकान पर नौकरी करता है। असलहा एक्ट में नामजद। – 30 साल का सुखदेव ड्राइवर है। असलहा एक्ट में नामजद। – 20 वर्षीय अनमोल सिंह बेरोजगार। – 19 साल का सुखमन सिंह खेत में ट्रैक्टर चलाता है।

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