बीजापुर । करीब 5,000 जवानों ने मिलकर 1,000 से अधिक नक्सलियों को घेर लिया है। इस कार्रवाई में अब तक पांच नक्सलियों को मार गिराने की पुष्टि हुई है। ऑपरेशन लगातार 22 अप्रैल की सुबह से जारी है और क्षेत्र में लगभग 30 घंटे से अधिक समय तक मुठभेड़ चली।

तीन राज्यों की संयुक्त कार्रवाई : इस अभियान को छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र की संयुक्त फोर्स अंजाम दे रही है। मुठभेड़ बीजापुर के उसूर थाना क्षेत्र के कर्रेगट्टा, नडपल्ली और पुजारी कांकेर की पहाड़ियों में हो रही है। सुरक्षा बलों ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया है, जहां नक्सली संगठन की बटालियन नंबर-1 के सदस्य छिपे होने की जानकारी मिली थी।


इस ऑपरेशन को अब तक का सबसे बड़ा एंटी नक्सल अभियान माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह मुठभेड़ माओवादियों के लिए एक बड़ा झटका है और आने वाले दिनों में नक्सली नेटवर्क पर और मजबूत चोट की उम्मीद की जा रही है।

यह अभियान तेलंगाना की सीमा के पास, उसूर थाना क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में चल रहा है। पिछले 30 घंटों से चल रहे इस ऑपरेशन में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है और कई नक्सलियों को मार गिराया गया है। इस ऑपरेशन का मकसद इलाके में माओवादी नेटवर्क को कमजोर करना और शांति बहाल करना है।

बीजापुर में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का यह अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त अभियान है। सूत्रों के अनुसार नक्सली आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) का इस्तेमाल कर सकते हैं, इसलिए सुरक्षा बल सावधानी से आगे बढ़ रहे हैं। अभी तक 100 से ज्यादा आईईडी मिल चुके हैं। नक्सलियों ने जवानों को निशाना बनाने के लिए ये विस्फोटक लगाए थे। फिलहाल इलाके में बारूदी सुरंगों को हटाने का काम चल रहा है।

ऑपरेशन का मुख्य केंद्र करेगुट्टा पहाड़ है। यह जगह तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की सीमा पर है। खुफिया जानकारी मिली है कि इस इलाके में माओवादियों के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता मौजूद हैं। सुरक्षा बल ड्रोन और सैटेलाइट से इलाके पर लगातार नजर रख रहे हैं। इस अभियान में कई सुरक्षा बल शामिल हैं। सीआरपीएफ, डीआरजी, एसटीएफ, और कई फोर्स मिलकर काम कर रहे हैं। इसके अलावा महाराष्ट्र से सी-60 कमांडो भी इस ऑपरेशन में मदद कर रहे हैं। भारी संख्या में जवान माओवादियों का सफाया करने में लगे हुए हैं।
तेलंगाना और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों से हजारों जवान इस ऑपरेशन में लगे हुए हैं। सुरक्षा बलों का लक्ष्य है कि माओवादियों के नेटवर्क को कमजोर किया जाए और इलाके में शांति लाई जाए। अधिकारियों का कहना है कि यह ऑपरेशन आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।

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