
नई दिल्ली। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भगवान राम को काल्पनिक बताकर घिर गए हैं। अपनी हालिया अमेरिका यात्रा में राहुल गांधी ने भगवान राम को काल्पनिक बताया था। इस पर भाजपा ने कांग्रेस नेता को रामद्रोही बताते हुए कहा है कि इटली के चश्मे से राम नहीं दिखेंगे। भाजपा ने कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोला है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में एक वीडियो शेयर किया है। जिसके शुरूआत में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भगवान राम पर टिप्पणी करते हुए सुने जा सकते हैं। इसके बाद भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला राहुल गांधी और कांग्रेस पर कई आरोप लगाते दिख रहे हैं।
इसके साथ भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पोस्ट में लिखा- राष्ट्र द्रोही कांग्रेस, अब राम द्रोही कांग्रेस, राहुल गांधी कहते हैं कि प्रभु राम पौराणिक या काल्पनिक हैं। इस तरह और क्यों उन्होंने राम मंदिर का विरोध किया और प्रभु राम के अस्तित्व पर भी संदेह जताया।
इससे पहले मनमोहन सिंह की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिए हलफनामे में कहा था कि भगवान राम का अस्तित्व नहीं है और रामसेतु को तोड़ने का समर्थन किया था। अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी में बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने भगवान राम को काल्पनिक पात्र कह दिया। इस बयान का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।
राहुल गांधी ने हिंदू की परिभाषा को लेकर भाजपा के विचार को खारिज करते हुए कहा था कि सभी महान भारतीय समाज सुधारकों और राजनीतिक विचारकों- ज्योतिराव फुले, बीआर आंबेडकर, महात्मा गांधी और यहां तक कि गुरु नानक, बासव और बुद्ध ने एक ही बात कही थी-सभी को अपने साथ लेकर चलो। सत्य और अहिंसा का पालन करो।
उन्होंने कहा कि मैं एक भी ऐसे व्यक्ति को नहीं जानता, जिसे हम भारत में महान मानते हों और जो इस प्रकार का न हो। मैं एक भी व्यक्ति के बारे में नहीं सोच सकता। सभी काल्पनिक पात्र हैं। भगवान राम उस समय के थे, जहां वह क्षमाशील थे। वह दयालु थे। नेता विपक्ष की इस टिप्पणी पर भाजपा ने जोरदार पलटवार किया।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पूर्व कांग्रेस प्रमुख को हिंदू विरोधी करार दिया और उनसे अपनी पार्टी का नाम बदलकर हिंदू विरोधी कांग्रेस रखने को कहा। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने हिंदू आतंकवाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया, भगवान राम के अस्तित्व में विश्वास नहीं किया और अयोध्या में राम मंदिर नहीं बनने देने के लिए हर संभव प्रयास किया, उसका हिंदू विरोधी चेहरा आज देश के 100 करोड़ से अधिक हिंदुओं के सामने उजागर हो गया है।
