
नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित समारोह में ‘पीबीजी सोल्जरथॉन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर मिजोरम के राज्यपाल जनरल वीके सिंह भी मौजूद रहे, जो इस पहल के संरक्षक हैं। वहीं, केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एनसीसी साइक्लोथॉन 2026 को हरी झंडी दिखाई। इसके अलावा जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से ‘नशा मुक्त भारत’ थीम पर आधारित ‘फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल’ का 84वां संस्करण भी शुरू हुआ।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि ‘सैनिकों के लिए दौड़ें, सैनिकों के साथ दौड़ें’ के विजन से प्रेरित सोल्जरथॉन आम नागरिकों और सशस्त्र बलों के बीच संबंधों को मजबूत करने का अनूठा मंच है। उन्होंने कहा कि ‘असली नायकों (सशस्त्र बलों) का समर्थन’ थीम पर आधारित यह आयोजन सैनिकों के समर्पण, साहस और बलिदान को सम्मान देता है। साथ ही यह नागरिकों को सक्रिय भागीदारी के जरिए सैनिकों के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए प्रेरित करता है।
79 एनसीसी कैडेट ने लिया साइक्लोथॉन में हिस्सा : आजादी के 79 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एनसीसी साइक्लोथॉन 2026 का आयोजन किया गया। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इसे हरी झंडी दिखाई। इस कार्यक्रम में बॉक्सर और ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम ने भी हिस्सा लिया।
मनसुख मांडविया ने कहा कि देश की आजादी के 79 साल पूरे होने के जश्न के तहत 79 एनसीसी कैडेट साइक्लोथॉन में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि एनसीसी फिटनेस, अनुशासन और समाज सेवा का प्रतीक है। ये कैडेट देश का भविष्य और उम्मीद हैं। साइक्लोथॉन के जरिए युवा यह संदेश दे रहे हैं कि वे विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएंगे।
एनसीसी साइक्लोथॉन 2026 में शामिल मैरी कॉम ने युवाओं से जीवन में आगे बढ़ने और बहुत कुछ हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एनसीसी की यूनिफॉर्म सिर्फ एक कपड़ा नहीं है, बल्कि देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि युवाओं को यही भावना सिखाना जरूरी है।
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से ‘नशा मुक्त भारत’ थीम पर आधारित ‘फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल’ का 84वां संस्करण शुरू किया गया। कार्यक्रम के जरिए फिटनेस को बढ़ावा देने के साथ युवाओं और आम लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया।
