कानपुर। पहलगाम आतंकी हमले में दिवंगत हुए शुभम के स्वजन को गुरुवार रात जैसे ही पता चला कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है और भारतीय सेना ने पाक को उसकी नापाक हरकत का जबरदस्त जवाब दिया है तो सभी खाना-पीना छोड़ एक कमरे में बैठकर लैपटॉप पर पूरा अपडेट लेते रहे। स्वजन ने युद्ध के बाबत बोले ये धर्म युद्ध है। अधर्म पर धर्म की विजय होकर ही रहेगी। आतंकवाद का समूल नाश होगा। शुभम का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। उसके बलिदान ने आतंकियों के सर्वनाश की पटकथा लिख दी है।भारतीय सेना , देश के जाबाज सैनिक पाकिस्तान में गदर मचाए हैं।

शुभम का परिवार गुरुवार रात लगभग साढ़े 11 बजे के आसपास भोजन करने की तैयारी कर रहा था। तभी मोबाइल पर जानकारी मिलती है कि भारत व पाक के बीच युद्ध शुरू हो गया है। सभी खाना-पीना छोड़ एक कमरे में साथ में बैठकर लैपटॉप पर पल-पल की अपडेट लेते रहे।

जैसे ही स्क्रीन पर दिखता कि भारतीय फौजों ने पाकिस्तान के लड़ाकू विमानो को मार गिराया। तो पिता संजय जोश से लबरेज खड़े हो जाते और बोलते शाबाश मेरे भारतीय शेरों। पाकिस्तान को कब्रिस्तान बनाकर ही मानना।आतंक की नसों में, आतंकियों की रग-रग में इतनी बारूद भर दो कि कि इनकी आने वाली पीढ़ियां भी आतंक फैलाने से पहले थर्रा उठें। पिता संजय ने कहा ये धर्म युद्ध की शुरुआत हो चुकी है। अधर्म पर धर्म की विजय होकर ही रहेगी। आतंक का समूल नाश अब तय है।
बगल में बैठे चाचा मनोज द्विवेदी ने कहा शुभम की जान आतंकवादियों की कब्र खोदकर ही रहेगी। शायद शुभम को ईश्वर ने इसी निमित्त भेजा था कि तुम्हारा बलिदान आतंक के सफाए का कारण बनेगा।


भावुक हुई पत्नी एशान्या
मनोज जैसे ही देखते कि सेना के तोप व मिसाइलें पाकिस्तान की बर्बादी की पटकथा लिख रही हैं तो वो यही कहते कि जय हो जय हिंद की सेना। सेना को नमन , वंदन व जवानों का अभिनंदन अपने मनोभावों से करते नजर आ रहे थे। शुभम आतंकवाध के संपूर्ण विनाश का कारण बनेगा। पत्नी एशान्या भावुक तो थी लेकिन आक्रोश ऐसा कि शुभम के शरीर से बहे एक-एक कतरे का हिसाब सेना को लेना है।


आर-पार की लड़ाई की शुरुआत
एशान्या बोली देश अब निर्णायक मोड़ पर आ गया है। आर-पार की लड़ाई की शुरुआत हो चुकी है। सेना के रणबांकुरे अपनी बहादुरी के कौशल व पराक्रम से हिंदुस्तान का यशोगान कर रहे हैं। ये हिंदुस्तानी सेना है जो अपने देश की आन – बान और शान के लिए किसी के रोके नहीं रुकेगी। पाकिस्तान में बने आतंकिस्तान का अंत करके ही मनेगी। मां सीमा मौन थीं। वो थीं तो निःशब्द लेकिन उनकी भावना अव्यक्त होते हुए भी व्यक्त कर रही थी कि मेरे लाल को हमेशा के लिए मां भारती की गोद में लिटाने वाले आतंकियों अब काल तुम्हारे सिर मड़रा रहा है। पहले भी घुसकर भारत ने मारा है और आगे भी मारते रहेंगे। हम डरने वाले नहीं हैं। मुंहतोड़ जवाब देना जानते हैं।चचेरे भाई शौरभ ने कहा सरकार, सेना व जवानो को कोटि-कोटि नमन।

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