
रांची। झारखंड के आइपीएस अधिकारियों ने अपनी संपत्ति का दिया ब्यौरा। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों के पास भूखंड, फ्लैट से लेकर बहुत अचल संपत्ति है। इसका ब्योरा उन्होंने केंद्रीय कार्मिक मंत्रालय को दिया है। उनसे किसी मामले में भारतीय पुलिस सेवा के राज्य कैडर के अधिकारी पीछे नहीं हैं। जमीन-जायदाद में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को सीधी टक्कर दे रहे हैं। इस वर्ष राज्य कैडर के 117 भारतीय पुलिस सेवा के अफसरों ने केंद्र सरकार को ब्यौरा सौंपा है। इसकी बड़ी वजह केंद्र के स्तर पर चल रही कड़ाई है। पहले ज्यादातर अधिकारी अपनी अचल संपत्तियों का ब्योरा देने में आनाकानी करते थे, लेकिन अनुशासनिक कार्रवाई के डर से इन्होंने इस वर्ष ब्योरा उपलब्ध कराया है।
ज्यादातर के पास आईएएस अधिकारियों की तर्ज पर राजधानी रांची समेत देश के महत्वपूर्ण शहरों में जमीन-जायदाद है। कुछ अफसरों के पास सीमित मात्रा में भूखंड और फ्लैट है तो कुछ इस मामले में ज्यादा समृद्ध हैं।
अनुराग गुप्ता : उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में फ्लैट और प्लाट, रांची के बोड़ेया और सांगा में भूखंड, पंचकूला, हरियाणा में पैतृक आवास।
अनिल पालटा : रांची के सांगा में भूखंड, पंचकूला हरियाणा में फ्लैट, बंगाल के कोलकाता और वर्धमान में जमीनें।
प्रशांत सिंह: उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर व नोएडा में जमीन-फ्लैट, रांची के अशोक नगर में भूखंड।
मनविंदर सिंह भाटिया : रांची के हरमू सोसायटी में प्लाट, पंजाब के मोहाली में जमीन।
संपत मीना : रांची के सांगा, खूंटी, रांची सदर और कांके ओएना में भूखंड।
तदाशा मिश्रा : रांची के सांगा, अशोक नगर और नामकुम में जमीनें।
संजय आनंदराव लाठकर: महाराष्ट्र के नांदेड़ में नौ स्थानों पर भूखंड, रांची में जमीन।
नवीन कुमार सिंह: धनबाद के गोविंदपुर में आवास, रांची के कांके में भूखंड, हजारीबाग में जमीन।
आशीष बत्रा : रांची के सांगा में भूखंड, हरियाणा के पंचकूला, दिल्ली और भोपाल में जमीन-जायदाद।
सुमन गुप्ता : रांची के अरगोड़ा और हरमू में भूखंड।
