नई दिल्ली । रात के ठीक एक बजे और इंडियन आर्मी और एयरफोर्स ने जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया- ऑपरेशन सिंदूर। टारगेट थे पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के पांच और पाकिस्तान के अंदर चार आतंकी ठिकाने। आर्म्ड फोर्सेस ने कहा है कि अभी ऑपरेशन जारी है इसलिए ऑपरेशन से जुड़ी बहुत ज्यादा डिटेल साझा नहीं कर सकते। इंडियन आर्म्ड फोर्सेस पूरी तरह तैयार हैं। एलओसी पर भी और अंदर भी। साथ फाइटर बेस सक्रिय हैं और पाकिस्तान अगर कोई गलत हरकत करता है तो इंडियन आर्म्ड फोर्सेस तगड़ा जवाब देने के लिए तैयार हैं।

आर्मी ने कहां और कैसे किया अटैक : इंडियन आर्मी ने एलओसी के इस पार से ही पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में चुने हुए पांच आतंकी ठिकानों और पाकिस्तान के अंदर दो ठिकानों को निशाना बनाया। एलओसी क्रॉस नहीं की गई। पीओजेके में सवाई नाला कैंप मुजफ्फराबाद, सेदना बिलाल कैंप, कोटली गुलपुर, बिंबर और अब्बास कैंप कोटली में और पाकिस्तान में सरजल कैंप सियालकोट, महमूना जोया कैंप सियालकोट, पर आर्मी के स्मॉर्ट एम्युनिशन ने एक साथ कहर बरपाया। आतंकियों और आतंक के आकाओं को समझ नहीं आया कि क्या हुआ है।

भारतीय सेना ने ऐसे किया मिशन पूरा : करीब 20 मिनट बाद जब उन्हें समझ आया कि इंडियन आर्मी ने आतंक के खिलाफ ऑपरेशन लॉन्च कर दिया है तब पाकिस्तानी सेना ने पूरे 788 किलोमीटर में धुंआधार फायरिंग शुरू की और आर्टिलरी फायर करना शुरू किया। तब तक इंडियन आर्मी पांच आतंकी ठिकानों ध्वस्त कर अपना मिशन पूरा कर चुकी थी। इसके लिए आर्मी ने अलग अलग वेपन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जिससे स्मार्ट एम्युनिशन दागे गए।

आतंकियों को बचने का मौका नहीं मिला : ऐसे एम्युनिशन जिस पर टारगेट की लोकेशन फिक्स होती है और वह सीधे टारगेट पर ही जाकर गिरता है। एक ही टारगेट पर दो-तीन तरह के वेपन से अटैक किया गया ताकि आतंकियों को बचने का मौका ना मिले और आतंक के ठिकाने पूरी तरह ध्वस्त हों। किस टारगेट पर कौन सा वेपन अटैक करेगा, यह बहुत सोचसमझकर तय किया गया था। इंडियन आर्मी के पास स्मॉर्ट एम्युनिशन में कामिकाजी ड्रोन भी है। यानी आत्मघाती ड्रोन। साथ ही स्मार्ट आर्टिलरी यानी तोप का भी एम्युनिशन । एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर और धनुष तोप से प्रेसिजन-गाइडेड आर्टिलरी एम्युनिशन दागा जा सकता है।

पाकिस्तान के अंदर एयरफोर्स ने की स्ट्राइक : पाकिस्तान के अंदर बड़े आतंकी ठिकानों पर इंडियन एयरफोर्स के फाइटर जेट ने सटीक स्ट्राइक की। पाकिस्तान में मरकज तयिबा मुरीदगे और मरकज सुभान बहावलपुर पर फाइटर जेट से स्ट्राइक की। आर्मी और एयरफोर्स की स्ट्राइक एक वक्त पर एक साथ हुई और आतंक के 9 ठिकानों पर एक साथ कहर बरपा। इंडियन एयरफोर्स के फाइटर जेट ने भारत के एयरस्पेस में रहकर ही स्टैंडऑफ वेपन (यानी अपनी जगह पर रहकर ही मार कर सकते हैं) से वार किया।

भारत के एयरस्पेस में रहकर किया वार : माना जा रहा है कि फाइटर जेट मिराज-2000 से स्पाइस 2000 बॉम्ब का इस्तेमाल किया गया। यह इजरायली बॉम्ब है जिसका इस्तेमाल बालाकोट एयरस्ट्राइक में भी किया गया था। ये अत्याधुनिक प्रेसिजन-गाइडेड म्यूनिशन है। स्पाइस-2000 में 60 किलोमीटर तक की ग्लाइड रेंज है जिसका मतलब है कि फाइटर जेट को दुश्मन के एयर स्पेस में प्रवेश किए बिना बॉम्ब को छोड़ा जा सकता है।

राफेल से स्कैल्प मिसाइल जरिए स्ट्राइक : आतंकी ठिकानों पर हमले के लिए रफाल फाइटर जेट का इस्तेमाल किया गया है। रफाल से स्कैल्प मिसाइल के जरिए आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक हुई। ये अत्याधुनिक लंबी दूरी की हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल है। यह मिसाइल अपनी सटीकता, स्टील्थ क्षमता के जानी जाती है।

एयर स्ट्राइक में सुखोई-30 भी शामिल : इस मिसाइल को फ्रांस और यूके ने मिलकर बनाया है। इसकी रेंज 200 से 300 किलोमीटर तक है। यह मिसाइल स्टैंडऑफ क्षमता प्रदान करती है यानी दुश्मन के एयरस्पेस में जाए बिना ही इसे रफाल से फायर किया जा सकता है। आतंकियों पर की गई एयर स्ट्राइक के लिए फाइटर पैकेज में सुखोई-30 भी शामिल थे लेकिन इनका इस्तेमाल मुख्यतौर पर डिफेंस के लिए किया गया। वैसे सुखोई में ब्रह्मोस मिसाइल लगी है।

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