इस्लामाबाद । पाकिस्तान की सेना ने आतंकवादी समूह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि इस हमले में टीटीपी के हाफिज गुल बहादुर गुट को निशाना बनाया गया। इस कार्रवाई में टीटीपी के प्रमुख कमांडरों समेत 70 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया। पाकिस्तानी सेना की ये कार्रवाई हाल ही में किए गए सीमा पार हमलों के जवाब में की गई है। इस बीच तालिबान ने बताया है कि पाकिस्तानी वायु सेना ने शुक्रवार देर रात पक्तिका प्रांत में बड़ा हवाई हमला किया है, जिसमें 8 क्रिकेटर समेत कई लोग मारे गए हैं।

पाकिस्तानी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, इन हमलों का उद्येश्य आक्रामकता को रोकना और क्षेत्रीय स्थिरता को सुनिश्चित करना था। इस अभियान के दौरान एक IED विस्फोट में एक पाकिस्तानी सैनिक की जान चली गई। पाकिस्तानी सेना की ये कार्रवाई उत्तरी वजीरिस्तान के मीर अली इलाके में पाकिस्तानी सेना पर एक बड़े हमले के बाद की गई है। टीटीपी एक आत्मघाती हमलावर ने बम से लदा वाहन लेकर मिलिट्री कैंप में घुस गया था।

वाहन में विस्फोट के बाद धमाके का फायदा उठाते हुए तीन टीटीपी आतंकवादी कैंप के अंदर घुस गए और गोलीबारी शुरू कर दी। इस हमले में पाकिस्तानी सेना के 7 जवान मारे गए थे। वहीं पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 4 आतंकियों को मार गिराने का दावा किया था। ये हमला टीटीपी सरगना नूर वली महसूद के वीडियो बयान जारी किए जाने के बाद हुई है। महसूद के वीडियो ने पाकिस्तानी सेना के दावों का खंडन कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि काबुल एयर स्ट्राइक में उसे निशाना बनाया गया था।

पाकिस्तानी जवानों के खिलाफ ताजा हमला टीटीपी की रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत देता है। यह पिछली रणनीतियों से अलग है, जिसमें समूह घात लगाकर और छोटे पैमाने पर हमला करने पर ध्यान केंद्रित करता रहा है। यह हमला इस बात पर जोर देता है कि टीटीपी से जुड़े गुटों को अब मीर अली-दत्ता खेल क्षेत्र से ज्यादा सक्रियता की आजादी मिल गई है। पाकिस्तान का वजीरिस्तान इलाका एक समय टीटीपी के नियंत्रण में चला गया था, जिसे पाकिस्तानी सेना के अभियान के बाद मुक्त कराया गया था। विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के हमलों के फिर से होने ने पाकिस्तान के अशांत सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी नियंत्रण की कमजोरी को सामने ला दिया है।

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