कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नौंवे मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की माता गायत्री देवी ने अपने बेटे के बचपन की यादे ताजा करते हुए उन्हें विवेक से काम करने की नसीहत दी है। गायत्री देवी ने कहा कि कुछ दिन पहले घर की छत पर बड़े-बड़े कमल के फूल खिले थे, जिसे देखकर उन्हें पहले ही संकेत मिल गया था कि राज्य में “कमल खिलेगा”। उनके अनुसार, उसी समय उन्हें लगा था कि इस बार राजनीतिक बदलाव तय है।

उन्होंने अपने बेटे शुभेंदु अधिकारी के बचपन को याद करते हुए बताया कि माध्यमिक स्तर तक वह अधिकतर घर के भीतर ही रहते थे, लेकिन बाद में कॉलेज जीवन से ही सक्रिय राजनीति में जुड़ गए। उन्होंने कहा कि बचपन में शुभेंदु बागवानी में काफी रुचि लेते थे और घर के बगीचे में समय बिताते थे।

गायत्री देवी ने यह भी बताया कि शुभेंदु को पांता भात (पानी में भिगोए हुए चावल) बेहद पसंद है और गर्मियों की रातों में वह अक्सर हल्के भोजन की मांग करते हैं, जिसमें आलू भुजिया, मछली या अंडे का आमलेट शामिल रहता है।

अपने बेटे से अपेक्षाओं पर उन्होंने कहा कि वह जो भी निर्णय ले, अपने विवेक से काम करे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने बेटे की गतिविधियों की जानकारी मिलती रहती है।

गायत्री देवी ने बताया किया कि शुभेंदु बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति के रहे हैं और स्वामी विवेकानंद के बड़े भक्त हैं।

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