
तेहरान/वाशिंगटन। होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नाकाबंदी पूरी तरह प्रभावी हो गई है, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और उपराष्ट्रपति J. D. Vance ने संकेत दिए हैं कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है और एक बड़े समझौते की संभावना बनी हुई है। वाशिंगटन और इस्लामाबाद से मिल रही जानकारी के अनुसार, युद्धविराम के दौरान दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
अमेरिका ने ईरान के सामने 20 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन पर रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। इसके जवाब में ईरान ने 5 वर्षों की रोक का सुझाव दिया, जिसे अमेरिका ने फिलहाल स्वीकार नहीं किया है।विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रस्तावों का आदान-प्रदान इस बात का संकेत है कि दोनों पक्ष युद्ध को आगे बढ़ाने के बजाय समाधान की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
नाकाबंदी के विरोध में ईरान की राजधानी तेहरान में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ जोरदार विरोध जताया। ईरान सरकार ने इस कदम को ‘समुद्री डकैती’ करार देते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है।
मध्यस्थता की कोशिशें तेज : तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश मध्यस्थता में जुटे हैं और विशेषज्ञ स्तर पर बातचीत का दौर जारी है।उधर, हिजबुल्लाह के नेता Naim Qassem ने लेबनान सरकार से अपील की है कि वह वाशिंगटन में इजरायली प्रतिनिधियों के साथ प्रस्तावित बातचीत को रद्द करे। उन्होंने ऐसी वार्ताओं को निरर्थक बताया है।
युद्धविराम पर टिकी निगाहें : वर्तमान संघर्षविराम में करीब 9 दिन शेष हैं। ऐसे में दोनों देशों के पास पूर्ण युद्ध को टालने और किसी ठोस समझौते तक पहुंचने का यह महत्वपूर्ण समय माना जा रहा है।
