
पटना। नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने बुधवार को विधान परिषद में कहा कि टाउनशिप के लिए चिह्नित जमीन बेचने वाले किसानों को एक माह में राशि का भुगतान किया जाएगा। जमीन की जांच से लेकर भुगतान तक की प्रक्रिया एक माह के अंदर निपटाने का निर्देश दिया गया है। मंत्री ने कहा कि इमरजेंसी स्थिति में किसानों एवं जमीन मालिकों को टाउनशिप की चिन्हित जमीन बेचने की अनुमति दी गई है।



इसके लिए आवास बोर्ड में आवेदन करना होगा। अभी तक करीब 750 आवेदन आए हैं। जमीन बिक्री के आवेदन के लिए एक डिजिटल प्लेटफार्म भी बनाया जा रहा है। मंत्री ने आश्वस्त किया कि टाउनशिप के लिए किसी भी किसान की जमीन जबरदस्ती नहीं ली जाएगी। किसानों को हर स्टेप की जानकारी दी जाएगी।
मंत्री ने कहा कि सैटेलाइट टाउनशिप के लिए अभी मास्टर प्लान पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है। इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंत्री ने यह भी कहा कि जहां आवास विभाग का कार्यालय नहीं है, वहां नए कार्यालय खोले जा रहे हैं। अभी संकल्प निकला है। प्लानिंग एरिया बन रही है, वह मंत्री परिषद से स्वीकृत है, लेकिन अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
बताया जाता है कि सदन में बिहार नगर विकास विधेयक 2026 पेश किया जाएगा। 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप बसाने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया जा रहा है। सीएम सम्राट चौधरी ने इसकी घोषणा की थी। पटना के पास पाटलिपुत्र जबकि सोनपुर में हरिहरनाथपुरम टाउनशिप बनेगा। इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा।

