
जमशेदपुर: जमशेदपुर में रात के समय पुलिस की कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वीडियो में रात्रि गश्ती के दौरान पुलिसकर्मी दुकानों और सड़कों पर मौजूद लोगों को हटाते और लाठी चलाते दिखाई दे रहे हैं। मामले को लेकर विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष से जुड़े नेताओं ने भी आपत्ति जताई है।



बाबूलाल मरांडी ने सरकार से किया सवाल
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने वायरल वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल किया है। उन्होंने कहा कि अपराध पर नियंत्रण जरूरी है, लेकिन आम नागरिकों के साथ मारपीट करना इसका समाधान नहीं हो सकता।
बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस की ऐसी कार्रवाई किस उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों पर कार्रवाई करने के बजाय आम लोगों पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। उनका कहना है कि यदि सख्ती करनी है तो भ्रष्टाचार और अपराधियों से कथित मिलीभगत करने वाले पुलिसकर्मियों तथा अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
‘क्या शाम होते ही घरों में दुबक जाएं लोग?’
बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या सरकार चाहती है कि आम लोग शाम होते ही अपने घरों में चले जाएं। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई की तुलना बिहार के पुराने ‘जंगलराज’ के दौर से करते हुए सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस को रात में आम लोगों को हटाने के बजाय अपराध और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के लिए लगाया जाए, तो इसका बेहतर असर देखने को मिल सकता है। उन्होंने राज्य में कथित अवैध कोयला, बालू और पत्थर कारोबार को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।
सीता सोरेन ने भी जताई नाराजगी
वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी और पूर्व विधायक सीता सोरेन ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा और अपराध नियंत्रण का उद्देश्य आम नागरिकों में भय पैदा करना नहीं, बल्कि उनके बीच सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत करना होना चाहिए।
सीता सोरेन ने कहा कि रात्रि गश्ती के दौरान सड़कों और दुकानों पर मौजूद आम लोगों के साथ लाठी का इस्तेमाल उचित नहीं है। पुलिस को अपराधियों, भ्रष्ट तत्वों और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्ती दिखानी चाहिए, न कि काम से लौट रहे आम नागरिकों के खिलाफ।
वायरल वीडियो को लेकर अब पुलिस की कार्रवाई और पूरे मामले पर प्रशासन की ओर से स्पष्टीकरण का इंतजार है।
