
नई दिल्ली। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव की हालत सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली जैसी है।पेपर लीक विधेयक पर चर्चा करते हुए भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने विपक्ष को जमकर आड़े हाथों लिया। कांग्रेस के साथ ही सपा पर हमलावर रहे ठाकुर ने कहा कि देश में सबसे पहले नकल विरोधी कानून भाजपा सरकार ही लाई, चाहे केंद्र की बात हो या राज्य की। उत्तर प्रदेश में जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तो नकल की हिमायत की जाती थी। कल्याण सिंह की सरकार में तत्कालीन शिक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नकल विरोधी कानून लेकर आए। वहीं, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष किया कि उनकी तड़प समझ सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास के अंदर जाने का मौका नहीं मिल रहा, इसलिए पीएम आवास के बाहर ही जाकर लेट गए थे। पेपर लीक की पुरानी घटनाएं याद दिलाते हुए बोले कि सौ-सौ पेपर लीक कराकर राहुल गांधी और अखिलेश यादव आंदोलन करने चले हैं।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक में शामिल माफियाओं को मिट्टी में मिलाया जाएगा। लोकसभा में एंटी पेपर लीक विधेयक पर जारी चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें (राहुल गांधी) पीएम आवास जाने का मौका नहीं मिलेगा, इसलिए बाहर ही जाकर लेट गए। ठाकुर ने कहा कि पेपर लीक का इलाज भी हम ही करेंगे। पीएम मोदी युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय हैं। आतंकवाद और नक्सलवाद को बीजेपी ने ही समाप्त किया। हमारी सरकार कांग्रेस के जैसे दिखावा नहींकरती है। हमारी सरकार युवाओं के साथ है। अनुराग ठाकुर ने इस दौरान समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक नेता ने बताया कि युवाओं ने उनको भी भगा दिया कि आप क्यों यहां आए। आपका ट्रैक ही ऐसा रहा है। जो माफिया हैं, उनको मिट्टी में मिलाने का काम किया जाएगा।
प्रियंका गांधी को लपेटा : सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा पर तंज कसा कि वह भोली सूरत बनाकर गुमराह करती हैं। गंभीर विषय पर भी अपनी सरकार के कुकर्मों पर पर्दा डालने का प्रयास करती हैं। प्रियंका ने देश के एक बहुत बड़े वैज्ञानिक आईआईटी मद्रास के प्रो.वी. कामोकोटी पर टिप्पणी की। उनकी इतनी डिग्रियां हैं कि पूरे गांधी परिवार की डिग्रियां जोड़ लें तो भी उनके बराबर नहीं हो पाएंगी। प्रो. कामाकोटी को गौमूत्र विशेषज्ञ बताए जाने पर आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गांधी परिवार की सबसे बड़ी समस्या है कि वह भारत की परंपराओं को न समझते, न समझने का प्रयास करते हैं।
