पटना। अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा से अब बिहार के विद्यार्थी पीछे नहीं रहेंगे। आने वाला समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का होगा। ऐसे में राज्य के तमाम तकनीकी शिक्षण संस्थानों में एआई की पढ़ाई शुरू होगी। यह पढ़ाई इसी नए शैक्षणिक सत्र से सभी 38 सरकारी इंजीनियरिंग कालेजों तथा 46 पालिटेक्निक संस्थानों में संचालित की जाएगी। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बिहार विधानसभा में विभागीय बजट पर सरकार के तरफ से उत्तर देते हुए इसकी घोषणा की। इससे पहले उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा विभाग का 60,204 करोड़ 60 लाख 95 हजार रुपये का बजट सदन में पेश किया।

बजट पर पक्ष एवं विपक्ष के सदस्यों ने ढाई घंटे तक चर्चा की। हालांकि, सरकार के उत्तर का असंतुष्ट विपक्ष ने बहिष्कार किया। अध्यक्ष डाॅ. प्रेम कुमार ने सरकार के उत्तर के बाद शिक्षा विभाग का बजट को पारित कर दिया। शिक्षकों को ससमय वेतन भुगतान के बारे में मंत्री सुनील कुमार ने जानकारी दी।

उन्‍होंने बताया कि राज्य के 78 हजार से ज्यादा सरकारी विद्यालयों में 5.87 लाख से अधिक शिक्षक कार्यरत हैं जिन्हें वेतन भुगतान में कोई विलंब नहीं होता है। हर माह पांच तारीख से पहले डीबीटी के माध्यम से शिक्षकों को वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है।

सदन में सरकार के तरफ उत्तर देते हुए मंत्री सुनील कुमार ने शिक्षा विभाग की उपलब्धियों की विस्तार से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में 52 हजार से ज्यादा पदों पर शिक्षकों की नियुक्तियां जल्द पूरी की
जाएंगी। इसमें दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने हेतु 7 हजार से ज्यादा विशेष शिक्षक शामिल हैं, जबकि 45 हजार पदों पर सामान्य शिक्षक हैं।

इन शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बिहार लोक सेवा आयोग को अधियाचना भेजी जा चुकी है। सरकार अब विद्यालयों में विकास कार्यों की नियमित माॅनीटरिंग के लिए प्रत्येक जिले में विद्यालय विकास पदाधिकारी की नियुक्ति भी बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से करने जा रही है। इसके लिए कुल 38 पदों का सृजन कर उसे स्वीकृति दी जा चुकी है।

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