
रुद्रप्रयाग । आज प्रात: सात बजे श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुले। केदारनाथ धाम के कपाट आज विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। इस दौरान उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सपरिवार मौजूद रहे। केदारनाथ में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। 30 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। मंदिर को 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। कपाट खुलने के अवसर पर हजारों भक्त धाम पहुंच चुके थे।
गुरुवार की सुबह गौरीकुंड में भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह डोली की विशेष पूजा की गई। इसके बाद श्रृंगार करके आरती उतारी गई। हजारों भक्तों के जयकारों के बीच डोली केदारनाथ धाम के लिए रवाना हुई। रास्ते में भक्तों ने डोली का स्वागत किया। शाम करीब 4 बजे बाबा केदार की डोली केदारनाथ पहुंची और मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद डोली को मंदिर के भंडार गृह में रखा गया।
कपाट खुलने के अवसर पर केदारनाथ मंदिर को 108 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। अब कपाट खुलने के बाद भक्त बाबा केदार के दर्शन कर सकेंगे। कपाट खुलने के साक्षी बनने के लिए लगभग 15 हजार से ज्यादा भक्त केदारनाथ धाम पहुंच चुके हैं।
कपाट खुलने की प्रक्रिया सुबह पांच बजे से शुरू हुई । जिसके लिए सुबह चार बजे से श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) कर्मचारी मंदिर परिसर में तैनात हो गये थे। छ: बजे श्री केदारनाथ धाम के रावल भीमाशंकर लिंग, पुजारी बागेश लिंग, विधायक केदारनाथ आशा नौटियाल, जिलाधिकारी सौरभ गहरवार, बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, तीर्थ पुरोहित श्रीनिवास पोस्ती, धर्माचार्यों, वेदपाठीगणों, भैरव नाथ जी के पश्वा अरविंद शुक्ला ने पूरब द्वार से मंदिर में प्रवेश किया तथा मंदिर के गर्भगृह के द्वार की पूजा-अर्चना की।
सभी देवी-देवताओं का आह्वान कर जन कल्याण की कामना तथा संकल्प के साथ ही ठीक सात बजे श्री केदारनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए दर्शनार्थ खोल दिये गये। इसी समय मंदिर का मुख्य दक्षिण द्वार भी खोला गया।
आज केदारनाथ धाम परिसर में 12 हजार से अधिक श्रद्धालु कपाट खुलने के साक्षी बने। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने अपने संदेश में श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने पर शुभकामनाएं दीं। श्री केदारनाथ धाम में आज सुबह मौसम सामान्यतौर पर साफ रहा और दूर की पहाड़ की चोटियों पर ही बर्फ नजर आ रही है।
