
पटना। सरकार विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (वीबी जी राम जी) के तहत तीन लाख कार्य कराएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित संकल्प सभागार में वीबी जी राम जी को लेकर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा गांवों में आधारभूत संरचनाओं के समग्र विकास को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास ने वीबी जी राम जी की विशेषताएं, कार्य योजना एवं क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत जानकारी दी।



मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता बढ़ाने के साथ-साथ गांवों का समग्र एवं संतुलित विकास सरकार की प्राथमिकता है। वीबी जी राम जी मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी है। केंद्र एवं राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में वित्त पोषण की व्यवस्था होगी। उन्होंने निर्धारित समय सीमा के भीतर यानी की 15 दिनों में मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी जी राम जी मिशन के तहत गांवों के समग्र विकास एवं ग्रामीण रोजगार के लिए 22,000 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को शामिल करें।
आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण में 12-12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त दो-दो लाख रुपये आंगनबाड़ी केंद्रों की साज-सज्जा, पठन-पाठन सामग्री, फर्नीचर आदि पर खर्च किए जाएंगे। अभी तक 1.5 लाख योजनाएं ली गई हैं, इनकी संख्या बढ़ाकर तीन लाख किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी गांवों में मुलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उन सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें, इसके लिए संबंधित विभाग समन्वय करें, जिलाधिकारी इसकी सतत निगरानी करें। आंगनबाड़ी, स्कूल, हेल्थ केयर सेंटर, ग्रामीण हाट, वृक्षारोपण कार्य, जल संरक्षण, विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान का निर्माण सहित ग्रामीण क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं को पूर्ण करने के लिए तेजी से काम करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए। इसके तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्द्धन तथा आपदा प्रबंधन से संबंधित चार प्रमुख श्रेणियों में कार्य कराए जाएंगे।
नहरों, जलाशयों का होगा जीर्णोद्धार : मुख्यमंत्री ने राज्य में जल संरक्षण को लेकर कहा कि नहरों, जलाशयों एवं अन्य जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार आवश्यक है। इन संरचनाओं की मरम्मती एवं पुनर्स्थापन के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों को इन कार्यों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से हो सके। उन्होंने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को जल संरक्षण एवं वनीकरण के लिए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने भू-जल स्तर को बनाए रखने तथा भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जल संरक्षण से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। वृक्षारोपण एवं जल संचयन के कार्यों को समन्वित रूप से आगे बढ़ाया जाए। बैठक में उप मुख्यमंत्री द्वय विजय कुमार चौधरी व बिजेन्द्र प्रसाद यादव एवं भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह के अतिरिक्त शासन के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे।

