
दुमका। कांग्रेस ने पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख को जरमुंडी विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। बादल पत्रलेख ने नामांकन दाखिल करते हुए अपनी संपत्ति का ब्योरा दिया है। झारखंड के कृषि मंत्री रहे बादल पत्रलेख के पास लगभग 51.35 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले पांच सालों में उनकी आय में चार गुना बढ़ोतरी हुई है। हालांकि पत्रलेख करोड़पति बनने बनते रह गए। बता दें, बादल पत्रलेख पिछले दस सालों से जरमुंडी से विधायक हैं, जबकि 2020 से जनवरी 2024 तक राज्य के कृषि मंत्री भी रहे।
बादल पत्रलेख ने 1993 में बिहार इंटरमीडिएट काउंसिल से इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की थी। उन्होंने देवघर कॉलेज से पढ़ाई की। पढ़ाई के बाद से ही वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय हो गए और अभी तक अविवाहित हैं। जरमुंडी से हैट्रिक लगाने की उम्मीद में बादल पत्रलेख ने 20 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है।
नामांकन के साथ दिए गए हलफनामे में कांग्रेस प्रत्याशी बादल पत्रलेख ने अपनी आय का ब्योरा दिया है। उन्होंने बताया कि 2019-20 में उनकी आय 6,78,870 रुपये थी, जो 2020-21 में बढ़कर 27 लाख 53 हजार रुपये हो गई। 2021-2022 में उनकी आय 26 लाख 48 हजार 360 रुपये थी, जो 2022-2023 में 24 लाख 09 हजार 450 रुपये हो गई। वहीं 2023-24 में 24 लाख 24 हजार 580 रुपये रही। इससे साफ है कि पिछले पांच सालों में उनकी आय में चार गुना बढ़ोतरी हुई है।
बाइक और स्कॉर्पियो के मालिक हैं पत्रलेख : हलफनामे के मुताबिक, बादल के पास 2.90 लाख रुपये नकद और रइक के एक खाते में लगभग 5.95 लाख रुपये जमा हैं। उनके पास 2011 में खरीदी गई लगभग 54 हजार रुपये की एक मोटरसाइकिल है। 2014 में जरमुंडी से पहली बार विधायक बनने के बाद, उन्होंने 2016 में लगभग 15 लाख रुपये की एक रूङ्म१र्स्रङ्म खरीदी। हलफनामे के अनुसार, उनके पास लगभग 100 ग्राम सोना है, जिसकी कीमत लगभग 7.50 लाख रुपये है। इस तरह, 14 साल से विधायक और मंत्री रहे बादल के पास लगभग 31 लाख 85 हजार 700 रुपये की चल संपत्ति है।
