
रांची। झारखंड के कुख्यात अमन साहू गैंग के खिलाफ एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) ने बड़ी कार्रवाई की है। जेल में बंद अमन साहू गिरोह के तीन शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। एटीएस ने कहा है कि जेल से ही अमन साहू बड़ी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहा था।
सूचना मिलने पर एटीएस की टीम शुक्रवार को राजधानी रांची और उससे सटे जिले रामगढ़ एवं पतरातू में छापेमारी करके गिरोह के तीन शूटरों को गिरफ्तार कर लिया। एटीएस ने कहा है कि अमन साहू जेल में बंद है। वह जेल से ही अपराध की घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रचता रहता है। उसने एक बड़ी साजिश रची थी लेकिन एटीएस ने उसकी योजना पर पानी फेर दिया है।
अमन साहू को उस वक्त बड़ा झटका लगा था, जब गुरुवार की देर रात उसके एक शूटर को गिरफ्तार कर लिया था। शूटर का पीछा करते हुए रांची की पुलिस गुमला पहुंची थी। वहां एक विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे अमन गिरोह के गुर्गे को गुमला पुलिस की मदद से रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। रात में उससे वहीं पर पूछताछ की गई।
एटीएस को पूछताछ में यह जानकारी भी मिली की कुछ दिनों में रांची में एक हत्या और एक कंस्ट्रक्शन कंपनी पर हमले की योजना बनाई जा रही थी।
इस गिरफ़्तारी से एटीएस ने एक बड़ी वारदात को होने से रोक दिया है। हाल ही में रांची और अन्य जिलों में कई बड़ी वारदात को अमन के इशारे पर अंजाम दे चुके है. हाल के दिनों में अमन का गैंग झारखंड पुलिस के लिए आफत बना हुआ है. जेल से ही गैंग का संचालन किया जा रहा है। अब इसके बढ़ते आतंक को देखते हुए अळर ने कमान अपने हाथ में ली है. इसका परिणाम भी दिखने लगा है. तीन गिरफ्तार गुर्गों में एक शूटर भी है। जो अमन के इशारे पर किसी को भी मौत के घाट उतार दिया करता था।
अमन भले ही जेल में बंद है लेकिन इसका आतंक जारी है। पलामू जेल से हाल ही में गिरीडीह केन्द्रीय कारा भेजा गया है, लेकिन इसके गुर्गों की हिम्मत इतनी की जेल अधीक्षक को ही जान से मारने की धमकी दे दी गई। इससे पहले भी पलामू में जेलर और गिरीडीह में जेलर पर जानलेवा हमला करा चुका है। जेल में ही सभी सुविधा की मांग की जाती है।
