
नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने शुक्रवार को देश में लॉकडाउन लगाए जाने की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी कोई स्थिति नहीं है और इस पर कोई विचार भी नहीं किया जा रहा है। सरकार ने इसे अफवाह करार देते हुए लोगों से भ्रमित न होने की अपील की है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अंतर-मंत्रालयी पत्रकार वार्ता में कहा कि लॉकडाउन लगाने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और पेट्रोल, डीज़ल तथा एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है।
उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में पेट्रोल पंपों पर लगी लंबी कतारें किसी वास्तविक कमी के कारण नहीं, बल्कि अफवाहों की वजह से देखी गईं। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें करीब 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर से अधिक हो गई हैं, लेकिन इसके बावजूद देश में ईंधन आपूर्ति बाधित नहीं है और कीमतों को स्थिर बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने भी कहा कि पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है। भारतीय मिशन 24 घंटे सक्रिय है और वहां मौजूद भारतीय नागरिकों, छात्रों और फंसे हुए लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। उड़ानों पर प्रतिबंध के बीच वैकल्पिक मार्गों से यात्रा की व्यवस्था की जा रही है, जबकि कुछ परीक्षाएं स्थगित या रद्द की गई हैं।
इसी संदर्भ में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की वैश्विक साझेदारों के साथ बातचीत लगातार जारी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर जी7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए फ्रांस के दौरे पर हैं और उन्होंने इस बैठक के इतर फ्रांस, कनाडा, दक्षिण कोरिया, जापान, ब्राजील, ब्रिटेन, जर्मनी और यूक्रेन के अपने समकक्षों से मुलाकात की।
जायसवाल के अनुसार इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ पश्चिम एशिया के हालात पर भी चर्चा हुई। जी7 बैठक के पहले सत्र में विदेश मंत्री ने वैश्विक शासन सुधार, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार, शांति अभियानों को अधिक प्रभावी बनाने और मानवीय आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने ऊर्जा, उर्वरक और खाद्य सुरक्षा को लेकर ग्लोबल साउथ की चिंताओं को भी उठाया। दूसरे सत्र में उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से उत्पन्न अनिश्चितताओं का जिक्र करते हुए अधिक मजबूत व्यापार गलियारों और आपूर्ति शृंखलाओं की आवश्यकता पर बल दिया।
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले जहाजों या नाविकों से जुड़ी किसी भी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। बीस जहाजों पर तैनात 540 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं। डीजी शिपिंग का कम्युनिकेशन सेंटर 24 घंटे सक्रिय है और अब तक कई कॉल और ईमेल का जवाब देते हुए 25 नाविकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई है। देश के किसी भी बड़े या छोटे बंदरगाह पर भीड़ या बाधा की स्थिति नहीं है।
इस बीच केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन विवेक चतुर्वेदी ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में तेज़ वृद्धि हुई है। इस स्थिति में रिफाइनरियों को निर्यात के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है, जिसे संतुलित करने के लिए सरकार ने डीज़ल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और रोड एवं इंफ्रास्ट्रक्चर सेस लगाया है। सरकार ने दोहराया कि देश में आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कमी नहीं है तथा स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
