
जमशेदपुर। सोनारी थाना क्षेत्र के कुम्हारपाड़ा निवासी एवं एमबीए गोलगप्पावाला के संचालक बजरंग प्रसाद ने एसएसपी को लिखित शिकायत सौंपकर सूदखोरी, मारपीट, धमकी और पुलिस संरक्षण में प्रताड़ित किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा निर्भय होकर अपना व्यवसाय संचालित करने के लिए सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।शिकायत में बजरंग प्रसाद ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने जनवरी 2026 में मनीष सिंह से तीन किस्तों में कुल 1.70 लाख रुपये उधार लिए थे। उनका आरोप है कि इस राशि पर 10 प्रतिशत मासिक ब्याज तय किया गया और सुरक्षा के नाम पर उनसे दो हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक भी ले लिए गए। उनका दावा है कि अब तक वह मूलधन से अधिक, करीब दो लाख रुपये नकद और आॅनलाइन माध्यम से चुका चुके हैं, जिसके दस्तावेज भी उनके पास उपलब्ध हैं। इसके बावजूद उनसे लगातार अतिरिक्त रकम की मांग की जाती रही।बजरंग प्रसाद का आरोप है कि 11 फरवरी 2026 को उन्हें सोनारी थाना बुलाकर दबाव में एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाए गए। उनके अनुसार, उस कागज पर चार माह के भीतर दो लाख रुपये लौटाने की शर्त लिखवाई गई। उनका कहना है कि इसके बाद भी कथित तौर पर वसूली और दबाव का सिलसिला जारी रहा।शिकायत के अनुसार, 21 जुलाई 2026 की शाम जब वह सोनारी सिनेमा मैदान स्थित अपने गोलगप्पा ठेले पर मौजूद थे, तभी मनीष सिंह, प्रकाश ठाकुर और बिष्टुपुर थाना में पदस्थापित पुलिस पदाधिकारी बलराम साहू वहां पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने गाली-गलौज करते हुए ब्याज की राशि की मांग की और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि उनके पिता के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही ठेला बंद करने, दोबारा दुकान लगाने पर गंभीर परिणाम भुगतने तथा जान से मरवा देने तक की धमकी दी गई।बजरंग प्रसाद ने अपनी शिकायत में सोनारी थाना प्रभारी मधुसूदन डे और पुलिस अवर निरीक्षक धनंजय कुमार पर भी दबाव बनाने का आरोप लगाया है। उन्होंने एसएसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सूदखोरी, धमकी और मारपीट की घटनाओं में संलिप्त सभी आरोपितों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने पूर्ववत सोनारी सिनेमा मैदान में गोलगप्पा का ठेला लगाने के लिए पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है। फिलहाल, मामले में लगाए गए आरोपों पर पुलिस अथवा संबंधित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।




