
रांची। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि जिस झारखंड की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की थी, उसे अब संवारने की जरूरत है। भाजपा ने झारखंड का निर्माण किया है और अब उसे संवारने की जिम्मेदारी भी भाजपा ही निभाएगी। उन्होंने कार्यकतार्ओं से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और राज्य में पार्टी की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करने का आह्वान किया। नवीन शनिवार को रांची के सुकुरहुटू स्थित हवेली बैंक्वेट हॉल में आयोजित भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने झारखंड से अपने आत्मीय संबंधों, राज्य गठन के इतिहास, संगठन की राजनीतिक संभावनाओं, केंद्र सरकार की उपलब्धियों और राज्य की गठबंधन सरकार की कार्यप्रणाली पर विस्तार से विचार रखे। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है, लेकिन कांग्रेस और राहुल गांधी इस विकास यात्रा में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
नितिन नवीन ने दावा किया कि इन प्रयासों को देश के भीतर और बाहर कुछ तत्वों का समर्थन मिल रहा है। इसके बावजूद देश की जनता का विश्वास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बना हुआ है। उन्होंने कार्यकतार्ओं से नए उत्साह और ऊर्जा के साथ जनता के बीच जाने तथा केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। नवीन ने कहा कि झारखंड में भाजपा के सामने व्यापक राजनीतिक संभावनाएं हैं। इन्हें चुनावी सफलता में बदलने के लिए कार्यकतार्ओं को दोगुने उत्साह और समर्पण के साथ काम करना होगा। उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और पार्टी की नीतियों को घर-घर पहुंचाकर जनाधार बढ़ाने तथा राज्य में भाजपा की सरकार बनाने का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।
भाजपा अध्यक्ष ने पश्चिम बंगाल में पार्टी के संगठनात्मक संघर्ष का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कार्यकतार्ओं ने विपरीत राजनीतिक परिस्थितियों में लंबे समय तक संघर्ष किया। इस दौरान अनेक कार्यकतार्ओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा और कई कार्यकतार्ओं की जान भी गई। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरने के पीछे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व, केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाएं और कार्यकतार्ओं का समर्पण महत्वपूर्ण रहा है।
नितिन नवीन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में संगठन को मजबूत करने के संघर्ष में झारखंड के कार्यकतार्ओं ने भी योगदान दिया है। अब उन्हें अपने राज्य में भी उसी प्रतिबद्धता के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल से उत्तर प्रदेश और ओडिशा की ओर जाते समय झारखंड में भाजपा की सरकार नहीं होने से उन्हें पीड़ा होती है। हालांकि, उन्हें प्रदेश के कार्यकतार्ओं की क्षमता और संघर्षशीलता पर पूरा भरोसा है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य सरकार की नीति और नीयत दोनों में खोट है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लगातार सामने आ रहे विवादों और कथित अनियमितताओं ने युवाओं के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। राज्य के युवा लंबे समय से रोजगार और नियुक्तियों की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं। जब छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरते हैं, तब सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति गंभीरता नहीं दिखाती। नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों के दौरान सत्तारूढ़ गठबंधन और कांग्रेस के नेताओं ने युवाओं के मुद्दों पर अपेक्षित भूमिका नहीं निभाई। उन्होंने कहा कि नियुक्ति प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके।
बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और मधु कोड़ा, राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री सौदान सिंह, झारखंड प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल, प्रदेश सह-प्रभारी निवेदिता सिंह, राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप वर्मा, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी और संजय सेठ तथा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

