
तिरुपति । विश्व प्रसिद्ध तिरुपति बालाजी मंदिर में भगदड़ से चार श्रद्धालुओ की मौत हो गई। दरअसल बुधवार शाम से ही टोकन सेंटर पर भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। इसके चलते मंदिर में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इसमें तमिलनाडु के सेलम की एक महिला समेत चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई। जबकि कई अन्य घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में ले जाया गया।
दरअसल वैकुंठ एकादशी के मौके पर तिरुमला तिरुपती देवस्थानम यानी टीटीडी भक्तों को तिरुमाला में दस दिनों के लिए वैकुंठ द्वार दर्शन प्रदान कर रहा है। 10 जनवरी से 19 जनवरी तक दर्शन किए जा सकते हैं। 9 जनवरी को सुबह 5 बजे से इसी द्वार से दर्शन टोकन जारी किए जाएंगे। इन एसएसडी टोकन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। टीटीडी ने तिरुपति और तिरुमाला में एसएसडी टोकन जारी करने के लिए काउंटर स्थापित किए हैं।
तिरुपति में 8 केंद्रों पर 90 काउंटर बनाए गए हैं। तिरुपति में इंदिरा मैदान, रामचंद्र पुष्करिणी, श्रीनिवासम कॉम्प्लेक्स, विष्णु निवासम कॉम्प्लेक्स, भूदेवी कॉम्प्लेक्स, भैरगीपट्टेडा रामानायडू हाई स्कूल, एमआर पल्ली जिला परिषद हाई स्कूल, जिवाकोना जिला परिषद हाई स्कूल में काउंटर स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा तिरुमाला निवासियों को बालाजी नगर सामुदायिक हॉल में एसएसडी टोकन जारी किए जाएंगे।
9 जनवरी को सुबह 5 बजे इन केंद्रों पर भक्तों को 10, 11 और 12 तारीख के लिए 1.20 लाख टोकन आवंटित किए जाएंगे। टीटीडी ने कहा कि अन्य दिनों में टोकन जारी किए जाएंगे। भक्त बुधवार शाम से ही काउंटरों पर भीड़ लगाने लगे। क्योंकि गुरुवार सुबह से द्वार दर्शन टोकन जारी किए जाने थे।
टीटीडी की ओर से व्यवस्थित सभी कतारें तिरुपति बालाजी के भक्तों से भरी हुई थीं। स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों से भी भक्त बड़ी संख्या में काउंटरों पर पहुंचे। विष्णु धाम के काउंटर पर अचानक मारपीट हुई। इससे वहां भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। इसमें एक महिला श्रद्धालु की जान चली गई। वहीं तीन और लोगों के मौत की पुष्टि हुई है।
सीएम ने घटना पर जताया शोक, दिए राहत कार्यों के निर्देश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने घटना में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से फोन पर बात कर घटनास्थल पर तत्काल राहत कार्य शुरू करने और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
