
रांची । रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने झारखंड में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुए लाठीचार्ज और कथित मारपीट को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस तरह शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई की गई, उससे आपातकाल के दौर की याद ताजा हो गई। सेठ ने पिछले छह वर्षों में झारखंड में हुई जेपीएससी, जेएसएससी-सीजीएल समेत सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई जांच कराने की मांग की। भाजपा प्रदेश कार्यालय में शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में सेठ ने कहा कि रांची, हजारीबाग, गिरिडीह और गढ़वा में छात्रों के साथ मारपीट और पुलिस लाठीचार्ज की घटनाएं बेहद गंभीर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घायल छात्र जब इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे तो वहां भी उन्हें परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों का समाधान बातचीत के जरिए करना चाहिए था। सेठ ने कहा कि छात्र करीब 25 दिनों से अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन और आमरण अनशन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए सरकार ने छात्रों को बांटने की कोशिश की। परीक्षा रद्द किए जाने के बाद अदालत में सरकार की ओर से की गई पैरवी पर भी उन्होंने सवाल उठाया।
सरकार ने एक हजार करोड़ में बेच दिया बच्चों का भविष्य : संजय सेठ ने भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड में नौकरी के नाम पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की उगाही की गई। उन्होंने दावा किया कि अभ्यर्थियों को झारखंड से बाहर पटना और नेपाल तक ले जाकर प्रश्नों के उत्तर रटवाए गए। सेठ ने कहा कि इन आरोपों की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई जांच जरूरी है। केंद्रीय मंत्री ने परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया। उन्होंने टीडीपीएल और बिनसिस का जिक्र करते हुए कहा कि दूसरे राज्यों में जिन कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किए जाने की बात सामने आई, उन्हें झारखंड में परीक्षा संचालन का जिम्मा कैसे मिला, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने बिनसिस के निदेशक अरुण कुमार को लेकर भी सवाल उठाया। सेठ ने कहा कि वर्ष 2022 में नौकरी से जुड़े आरोपों की जांच में साक्ष्य मिलने के बावजूद लंबे समय तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों के कारण छात्रों का सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं रह गया है।
सरकार ने क्यों दबाए रखी है नीलिमा केरकेट्टा की चिट्ठी : सेठ ने पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष नीलिमा केरकेट्टा की ओर से वर्ष 2024 में सरकार को लिखे गए पत्र का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सवाल किया कि जेपीएससी में कथित गड़बड़ियों और खामियों को लेकर सरकार को आगाह करने वाली चिट्ठी पर क्या कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता इस पत्र की पूरी जानकारी और उस पर हुई कार्रवाई जानना चाहती है। उन्होंने जेपीएससी से जुड़े लोगों की राजनीतिक और पारिवारिक निकटता को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि सीबीआई जांच कराने में उसे आपत्ति क्यों है।
राहुल गांधी पर भी बोला हमला : संजय सेठ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि झारखंड में छात्र घायल हुए, लेकिन राहुल गांधी ने इस मामले में आवाज नहीं उठाई। सेठ ने कहा कि यदि राहुल गांधी वास्तव में छात्रों के हितैषी हैं तो उन्हें रांची आकर आंदोलनरत छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए और सरकार से पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग करनी चाहिए। प्रेसवार्ता में भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और मीडिया सह प्रभारी सतीश सिन्हा भी मौजूद थे।
