
रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं को रद्द कर सुधार लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर रांची पुलिस ने कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन के दौरान हुई झड़प के मामले में पुलिस ने तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की। इन मामलों में 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि कई अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई कोतवाली थाना में दर्ज मामलों के आधार पर की गई है। पूरा मामला शुक्रवार को जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के बैनर तले आयोजित प्रदर्शन से जुड़ा है। प्रदर्शनकारी छात्र जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में सुधार तथा अन्य मांगों को लेकर मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने पहुंचे थे। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच नोकझोंक और झड़प की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसके बाद मामले की जांच करते हुए तीन अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गईं।
कोतवाली थाना में दर्ज एफआईआर में पहली शिकायतकर्ता अंकिता वर्मा, दूसरी में शाहबाज और तीसरी एफआईआर में ड्यूटी पर तैनात मजिस्ट्रेट को शिकायतकर्ता बनाया गया है।
पुलिस ने जिन लोगों को नामजद आरोपी बनाया है, उनमें कुणाल प्रताप, पीयूष, रविंद्र पासवान और चंडी तिवारी के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। इनके अलावा अन्य कई लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई, प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन किया और पुलिसकर्मियों के साथ बहस एवं धक्का-मुक्की की। इन्हीं आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद छात्र संगठनों और जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच से जुड़े लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। छात्र नेताओं का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे थे, जबकि पुलिस ने उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की है।
फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े वीडियो फुटेज तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वहीं, छात्र संगठनों ने इस कार्रवाई के विरोध में आगे की रणनीति तैयार करने के संकेत दिए हैं।

