नई दिल्ली । बीजेपी ने जेन जी से जुड़ने की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी ने इसके लिए एक खास टीम बनाई है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रियों को दिए निर्देश के कुछ दिन बाद उठाया गया है। प्रधानमंत्री ने विश्वविद्यालयों और सरकारी स्कूलों में युवाओं से सीधे संवाद बढ़ाने पर जोर दिया था। इस टीम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी और विनोद तावड़े शामिल हैं। गुजरात के मंत्री हर्ष संघवी और छत्तीसगढ़ के मंत्री ओपी चौधरी को भी टीम में जगह दी गई है। इनके अलावा कई अन्य नेताओं को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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बीजेपी का यह कार्यक्रम युवाओं की उम्मीदों और चिंताओं को समझने पर केंद्रित रहेगा। जेन जी के सामने रोजगार, शिक्षा, परीक्षा और भविष्य से जुड़े कई सवाल हैं। पार्टी इन मुद्दों पर युवाओं से सीधे बातचीत करना चाहती है। कार्यक्रम में चर्चा और संवाद के जरिए युवाओं को बीजेपी नेताओं से जुड़ने का मौका मिलने की संभावना है।

विश्वविद्यालयों और सरकारी स्कूलों तक पहुंच बनाने की कोशिश : प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद बीजेपी की युवा रणनीति में सीधे संवाद को खास महत्व दिया जा रहा है। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालयों और सरकारी स्कूलों में युवाओं तक पहुंच बनाने की तैयारी है। कार्यक्रम कब शुरू होगा और इसका स्वरूप क्या होगा, इसकी जानकारी जल्द सामने आने की उम्मीद है।

इसके साथ ही बीजेपी ने शनिवार को ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और ऐतिहासिक विरासत पर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया। पार्टी ने कहा कि वो राष्ट्रीय गीत के इतिहास और उसके महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रव्यापी अभियान का नेतृत्व करेगी. बीजेपी ने कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की ओर से 19 अगस्त को लिए गए उस फैसले की निंदा की, जिसमें कांग्रेस कार्यक्रमों में वंदे मातरम् गायन को पहले के सिर्फ दो ही छंदों तक सीमित करने वाले 1937 के प्रस्ताव को फिर से अपनाया गया था. भाजपा ने कहा कि वह वंदे मातरम् को भारत का राष्ट्रीय गीत मानती है, जो भारत माता के प्रति श्रद्धा की अभिव्यक्ति है, स्वतंत्रता संग्राम का मंत्र है और भारत की राष्ट्रीय चेतना का अमर प्रतीक है।

भाजपा के प्रस्ताव में कहा गया है कि पार्टी वंदे मातरम् को दो पदों तक सीमित करने के कांग्रेस के फैसले का कड़ा विरोध करेगी. बीजेपी राष्ट्रगीत को छह पदों वाले संपूर्ण वंदे मातरम् के सम्मान, गरिमा और विरासत की रक्षा करेगी यह 1950 की संविधान सभा की घोषणा और 2026 में संसद द्वारा पारित उस कानून की पुष्टि करेगा जो राष्ट्रीय गीत को जन-गण-मन के समान वैधानिक संरक्षण प्रदान करता है. भाजपा राष्ट्रगीत को सांप्रदायिक दबाव, तुष्टीकरण या वोट बैंक की राजनीति के अधीन करने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगी. प्रस्ताव में इस बात पर जोर दिया गया कि कांग्रेस की कार्यकारी समिति का प्रस्ताव संविधान और संसद के कानून से ऊपर नहीं हो सकता ।

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