
रांची। झारखंड में अब आउटसोर्स कंपनियों के कर्मियों की नौकरी भी सुरक्षित रहेगी। सरकारी कर्मियों की तरह ही इन्हें भी आरक्षण का लाभ मिलेगा तो पांच वर्ष पूरा होने से पहले इन्हें निकाला नहीं जा सकेगा। राज्य कैबिनेट ने इसके लिए मैनपावर प्रोक्योरमेंट नीति के तहत नई नियमावली को स्वीकृति प्रदान कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में इसके साथ ही कुल दस प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है।
अल्पसंख्यक स्कूलों के पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को मुफ्त में मिलेगा कॉपी-किताब : प्रमुख निर्णयों में झारखंड में संचालित गैर सरकारी सहायता प्राप्त वित्त सहित अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालयों, मदरसों एवं संस्कृत विद्यालयों के कक्षा नौ एवं दस तक के सभी विद्यार्थियों को मुफ्त में किताब और कापी देने का निर्णय लिया गया है। इससे अल्पसंख्यक विद्यालयों में अध्ययनरत 41755 विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा।
राज्य कैबिनेट ने आउटसोर्स कंपनियों के माध्यम से नियुक्त होनेवाले कर्मियों को भी आरक्षण का लाभ देने का निर्णय लिया है। इसके लिए बनी नियमावली को कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत विभिन्न विभागों में कार्यरत तकनीकी कर्मियों को अब विभागीय प्रमुख सीधे निष्कासित नहीं कर सकेंगे।
एक बार सेवा में आने के बाद उनकी नौकरी पांच साल के लिए सुरक्षित रहेगी। इन्हें मासिक वेतन में हर वर्ष तीन प्रतिशत की वृद्धि का लाभ भी मिलेगा। ऐसे कर्मियों को दुर्घटना की स्थिति में ग्रुप एक्सीडेंट बीमा का लाभ मिल सकेगा। इनकी नियुक्ति के लिए जैप-आइटी को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यहां कार्यरत डिमांड सेल के माध्यम से ही कर्मियों की नियुक्ति होगी।
गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन सभागार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रमुख तौर पर सरकारी सहायता प्राप्त वित्त सहित अल्पसंख्यक माध्यमिक विद्यालय, मदरसा, संस्कृत विद्यालयों में वर्ग-9 से वर्ग-10 तक की कक्षाओं में नामांकित एवं अध्ययनरत सभी कोटि के विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तक एवं कापी के मुफ्त वितरण की स्वीकृति दी गई।
बच्चों को मिलेगा साइंस मैगजीन : राज्य कैबिनेट के इस निर्णय से 41755 विद्यार्थियों को फायदा मिलेगा और इस योजना पर 4.84 करोड़ रुपये खर्च की जाएगी। इसके साथ ही सरकारी विद्यालयों के कक्षा नौ से लेकर 12वीं तक के छात्रों को साइंस मैगजीन देने का निर्णय लिया गया है। ऐसे विद्यालयों की संख्या 2723 है। इसके अलावा कक्षा 11-12 वीं के छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित मैगजीन दिया जाएगा। इसका लाभ 996 स्कूलों के विद्यार्थियों को मिलेगा।
जल संसाधन आयोग का गठन, विकास आयुक्त होंगे अध्यक्ष : कैबिनेट ने राज्य के समेकित विकास को लेकर सभी रीवर बेसिनों में जल की अद्यतन उपलब्धता, विकास, इसके बहुआयामी उपयोग तथा कुशल प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए झारखंड राज्य जल संसाधन आयोग के गठन के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।कैबिनेट की बैठक में यह भी तय किया गया कि इसके पहले अध्यक्ष विकास आयुक्त होंगे। 15 सदस्यीय आयोग में जल संसाधन विभाग के सचिव के पास सदस्य सचिव का दायित्व होगा। इसके अलावा ग्रामीण विकास, नगर विकास, राजस्व विभाग, कृषि विभाग समेत एक दर्जन विभागों के सचिव अथवा प्रधान सचिव इस आयोग के सदस्य होंगे।आयोग के लिए टेक्निकल कमेटी का गठन भी किया जाएगा। विशेषज्ञ सदस्यों में कुछ की सेवा पूर्णकालिक तो कुछ की अंशकालिक होगी। इसके अलावा कुछ सदस्यों को सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन के माध्यम से विशेषज्ञ सदस्यों के रूप में संविदा पर भी रखा जा सकेगा।
कैबिनेट के अन्य फैसले : झारखंड वरीय न्यायिक सेवा (भर्ती, नियुक्ति एवं सेवाशर्तें) के तहत हाई कोर्ट की अनुशंसा के आलोक में वरीय न्यायिक सेवा में जिला न्यायाधीश के पद पर विकेश को सीधी भर्ती द्वारा नियुक्त किये जाने की स्वीकृति दी गई।राज्य योजना अन्तर्गत चतरा जिला में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ईटखोरी के भवन निर्माण की योजना में गबन की गई राशि का उपायुक्त, चतरा के द्वारा वसूली कर राजकोष में जमा कराने का निर्णय पूर्व में लिया जा चुका है। इस निर्णय के आलोक में गबन राशि के समतुल्य राशि 22.07 लाख रुपये पुनः आवंटित करने की स्वीकृति दी गई।
