विशाखापट्टनम। अनाकापल्ली जिले के रामबिली मंडल में अच्युतपुरम फार्मा में बुधवार दोपहर बाद रिएक्टर में विस्फोट के बाद 14 कर्मचारियों की मौत हो गई है और 50 से अधिक अन्य घायल हो गए हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। अच्युतपुरम फार्मा एसईजेड में एसेंशिया एडवांस्ड साइंस प्राइवेट लिमिटेड में सैकड़ों कर्मचारी काम करते हैं। दोपहर भोजनावकाश के दौरान जोरदार विस्फोट होने के बाद आग लग गयी। घना धुआं उठने के बाद समझना मुश्किल हो रहा था कि क्या हो रहा है। फिर भी जान बचाने के डर से मजदूर बाहर भागे। तेज आवाज से आसपास के गांव के लोग सतर्क हो गए। फार्मा की दमकल समेत आसपास के इलाके से 11 अन्य गाड़ियां आईं और आग पर काबू पाया। घायलों को अनाकापल्ली के विभिन्न अस्पतालों में स्थानांतरित किया गया। घायलों में से पांच 60 फीसदी से ज्यादा जले हुए हैं। हादसे के वक्त इंडस्ट्री में करीब 300 कर्मचारी मौजूद थे। मजदूरों का कहना है कि रिएक्टर के धमाके से इंडस्ट्री की पहली मंजिल का स्लैब ढह गया और कई लोग मलबे में फंस गए। तीसरी मंजिल पर फंसे मजदूरों को क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। एनडीआरएफ की टीमें और दमकल की गाड़ियां मौके पर बचाव कार्य जारी रखे हुए हैं। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने अच्युतापुरम एसईजेड में रिएक्टर विस्फोट हादसे को लेकर कलेक्टर से बात की। मुख्यमंत्री ने घायलों को उपलब्ध करायी जा रही चिकित्सा के संबंध में कलेक्टर से जानकारी ली। सीएम ने तत्काल राहत कदम उठाने के आदेश जारी किये। इस विस्फोट की घटना पर राज्य श्रम मंत्री वासमशेट्टी सुभाष ने कहा कि अनकापल्ली जिले के अच्युतापुरम के पास फार्मा कंपनी में भीषण आग लगने की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और कलेक्टर और एसपी स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मृतकों की पहचान करने में और थोड़ा और वक्त लगेगा। मृतकों की पहचान में काफी दिक्कत आ रही है, क्योंकि विस्फोट के बाद मानव शरीर के अंग बिखरे हुए हैं और मलबे में दबे शवों को निकालने का कार्य जारी है।

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