कोलकाता:  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे के गुवाहाटी-दिल्ली मार्ग पर पश्चिम बंगाल के रंगापानी में सोमवार को सियालदह कंचनजंघा एक्सप्रेस में एक मालगाड़ी के पीछे से टक्कर मारने के कारणों की जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने शुरू कर दी है।

वैष्णव ने कहा कि दुर्घटना के लिए जिम्मेदार परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उपाय किए जाएंगे।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग पर रेल परिचालन बहाल करना रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

वैष्णव ने सिलीगुड़ी में न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन के पास रंगापानी में दुर्घटना स्थल पर संवाददाताओं से कहा, “रेलवे सुरक्षा आयुक्त द्वारा दुर्घटना की गहन जांच की जाएगी।”

वैष्णव ने पुष्टि की कि बचाव कार्य पूरा हो गया है।

सड़क के बड़े वाहनों के चलने के लिहाज से संकरी होने के कारण रेल मंत्री को दुर्घटना स्थल तक पहुंचने के लिये कुछ दूरी मोटरसाइकिल के पीछे बैठकर तय करनी पड़ी।

रेलवे बोर्ड की अध्यक्ष जया वर्मा सिन्हा ने मालगाड़ी के चालक की ओर से संभावित “मानवीय भूल” की ओर इशारा करते हुए कहा कि न्यू जलपाईगुड़ी के निकट टक्कर संभवतः इसलिए हुई क्योंकि मालगाड़ी ने सिग्नल की अनदेखी की और अगरतला से सियालदह जा रही कंचनजंघा एक्सप्रेस को टक्कर मार दी।

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