रांची। असम विधानसभा चुनाव को लेकर झामुमो के अध्यक्ष पार्टी के प्रमुख नेताओं के साथ वहां लगातार कैंप करेंगे। 28 मार्च से वे असम में चुनावी अभियान की कमान संभालेंगे। मुख्यमंत्री अगले कुछ दिनों तक असम में कैंप करेंगे और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

उनके नेतृत्व में झामुमो स्थानीय मुद्दों, आदिवासी अस्मिता और क्षेत्रीय अधिकारों को प्रमुख चुनावी एजेंडा बनाने की तैयारी में है। पार्टी ने अपने सभी स्टार प्रचारकों को निर्देश दिया है कि वे 27 मार्च तक असम पहुंचकर अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएं। झामुमो का असम में सक्रिय होना केवल चुनावी उपस्थिति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पार्टी की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। खासकर पूर्वोत्तर के आदिवासी बहुल इलाकों में पार्टी अपनी पकड़ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।

झारखंड मॉडल, जिसमें स्थानीय संसाधनों पर अधिकार, भूमि संरक्षण और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दे शामिल हैं, को असम में भी प्रचारित किया जाएगा। पार्टी महासचिव विनोद पांडेय पहले से ही असम में डेरा डाले हुए हैं और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। स्थानीय संगठन को सक्रिय करने, बूथ स्तर तक नेटवर्क तैयार करने और उम्मीदवारों के पक्ष में माहौल बनाने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।

झामुमो ने भारत निर्वाचन आयोग को अपने 20 स्टार प्रचारकों की सूची सौंप दी है। इसमें हेमंत सोरेन के अलावा डॉ. सरफराज अहमद, विनोद पांडेय, सुप्रियो भट्टाचार्य, जोबा मांझी, अभिषेक प्रसाद, पंकज मिश्रा, सुदिव्य कुमार, दीपक बिरुवा, चमरा लिंडा, योगेंद्र प्रसाद, विजय हांसदा, कल्पना मुर्मू सोरेन, डॉ. महुआ माजी, हफीजुल हसन, भूषण तिर्की, विकास मुंडा, एमटी राजा, आलोक सोरेन और डॉ. लुईस मरांडी जैसे नेता शामिल हैं।

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