
नई दिल्ली। पेपर लीक विधेयक पर चर्चा करते हुए भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने विपक्ष को जमकर आड़े हाथों लिया। कांग्रेस के साथ ही सपा पर हमलावर रहे ठाकुर ने कहा कि देश में सबसे पहले नकल विरोधी कानून भाजपा सरकार ही लाई, चाहे केंद्र की बात हो या राज्य की। उत्तर प्रदेश में जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तो नकल की हिमायत की जाती थी। कल्याण सिंह की सरकार में तत्कालीन शिक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नकल विरोधी कानून लेकर आए। वहीं, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कटाक्ष किया कि उनकी तड़प समझ सकते हैं। प्रधानमंत्री आवास के अंदर जाने का मौका नहीं मिल रहा, इसलिए पीएम आवास के बाहर ही जाकर लेट गए थे। पेपर लीक की पुरानी घटनाएं याद दिलाते हुए बोले कि सौ-सौ पेपर लीक कराकर राहुल गांधी और अखिलेश यादव आंदोलन करने चले हैं।
पेपर लीक का इलाज भी मोदी सरकार ही करेगी: मंगलवार को पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा में धांधली माओवाद और आतंकवाद से कम खतरनाक नहीं है। इस पेपर लीक का इलाज भी मोदी सरकार ही करेगी। जैसे कि अब तक हर मर्ज का इलाज किया है, वैसे ही पेपर लीक की समस्या को भी जड़ से खत्म करेंगे।
उन्होंने कहा कि हम सिस्टम को और फुलप्रूफ करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष तो समय पर चर्चा करने के लिए ही तैयार नहीं थे। संसद नहीं चलने दे रहा था। याद दिलाया कि कांग्रेस के समय 65 हजार करोड़ रुपये का शिक्षा का बजट था, जो कि आज एक लाख 40 हजार करोड़ रुपये का है।
प्रियंका गांधी पर कसा तंज : सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा पर तंज कसा कि वह भोली सूरत बनाकर गुमराह करती हैं। गंभीर विषय पर भी अपनी सरकार के कुकर्मों पर पर्दा डालने का प्रयास करती हैं। प्रियंका ने देश के एक बहुत बड़े वैज्ञानिक आईआईटी मद्रास के प्रो.वी. कामोकोटी पर टिप्पणी की।
उनकी इतनी डिग्रियां हैं कि पूरे गांधी परिवार की डिग्रियां जोड़ लें तो भी उनके बराबर नहीं हो पाएंगी। प्रो. कामाकोटी को गौमूत्र विशेषज्ञ बताए जाने पर आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गांधी परिवार की सबसे बड़ी समस्या है कि वह भारत की परंपराओं को न समझते, न समझने का प्रयास करते हैं।

