नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। इसके साथ ही उन्होंने सालाना उच्च स्तरीय बैठक में हिस्सा लेने के लिए भारत आने का न्योता स्वीकार किया।
राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। सोमवार को दोनों नेताओं ने टेलीफोन पर बातचीत की।

क्रेमलिन की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि नेताओं ने आतंकवाद के किसी भी स्वरूप के खिलाफ बिना किसी समझौते के लड़ाई की जरूरत पर जोर दिया। भारतीय नेता ने रूसी राष्ट्रपति को वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया। निमंत्रण को कृतज्ञतापूर्वक स्वीकार किया गया।

उन्होंने रूसी-भारतीय संबंधों की रणनीतिक प्रकृति पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि ये संबंध बाहरी प्रभाव से प्रभावित नहीं हैं और सभी दिशाओं में गतिशील रूप से विकसित होते रहेंगे।

इससे पहले आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से फोन पर बात की और पहलगाम आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि दोषियों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पुतिन ने मोदी से यह भी कहा कि रूस आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का पूरा समर्थन करता है।

मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, राष्ट्रपति पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात की और भारत के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की।उन्होंने निर्दोष लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत को पूर्ण समर्थन देने की बात कही। प्रवक्ता ने कहा, उन्होंने (पुतिन) इस बात पर जोर दिया कि इस जघन्य हमले के दोषियों और उनके समर्थकों को न्याय के कठघरे में लाया जाना चाहिए।

जायसवाल ने कहा कि मोदी तथा पुतिन ने ह्यभारत-रूस विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने रूस के विक्टरी डे की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर रूसी राष्ट्रपति को शुभकामनाएं दीं।

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