
भागलपुर। बिहार विधानसभा चुनाव ने अब घोड़ों को भी रोजगार दिया है। आमतौर पर लग्न के मौसम में ही घोड़ों की बुकिंग होती है, लेकिन इस बार बिहार के चुनावी माहौल में घोड़ा ने मालिकों की किस्मत चमका दी है। नाथनगर प्रखंड के गोसाईदासपुर गांव में लगभग सौ घोड़े हैं। यहां के घोड़ा मालिक इन दिनों खूब व्यस्त हैं।
नेता और कार्यकर्ता सीधे गांव पहुंचकर चुनावी रैली व चुनाव प्रचार के लिए घोड़े बुक कर रहे हैं। घोड़ा मालिक त्रिपुरारी यादव और दिलखुश यादव बताते हैं कि इस मौसम में आमतौर पर बुकिंग नहीं होती, लेकिन चुनाव के कारण लगातार आर्डर मिल रहे हैं। रैली, जुलूस और प्रचार के लिए घोड़ों की मांग बढ़ गई है।
एक घोड़े का एक दिन का किराया दो हजार रुपये तय है। किसी पार्टी को चार घोड़े चाहिए तो किसी को छह। अभी चुनाव का समय है बीच में काली प्रतिमा विसर्जन में भी हमारा काम होगा। ऐसे में एक माह से जयादा वक्त तक हमारे पास रोजगार है। हम लोग किसी भी पार्टी विशेष के लिए केवल नहीं है। जो भी राजनीतिक दल हमें बुक करती है हम सीधे चले जाते है। बस घोड़े के गले में पार्टी का झंडा बदलना होता है।
