
पटना। बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र आज (सोमवार) से शुरू होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नवगठित एनडीए सरकार का सामना करने के लिए विपक्ष पूरी तरह लामबंद है। ये सत्र महज पांच दिनों का है, लेकिन इसके बेहद हंगामेदार होने के आसार हैं। विपक्षी दल भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले, बढ़ती महंगाई, किसानों को यूरिया मिलने में परेशानी और राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर सदन में सरकार पर जोरदार हमला बोलेंगे। दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष ने भी विपक्ष के हर सवाल का करारा जवाब देने और विधायी कार्यों को सुचारू रूप से निपटाने की पुख्ता रणनीति बनाई है।
सत्र के पहले ही दिन सोमवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके बाद 21 और 22 जुलाई को प्रश्नोत्तर काल के साथ-साथ राजकीय विधेयक और अन्य विधायी कार्य निपटाए जाएंगे। 23 जुलाई को अनुपूरक बजट पर सदन में वाद-विवाद होगा, जिसके बाद सरकार अपना उत्तर देगी और बजट को पारित कराया जाएगा। सत्र के अंतिम दिन, यानी 24 जुलाई को गैर-सरकारी संकल्प लिए जाएंगे।
बिहार निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026
बिहार ईज आॅफ डुईंग बिजनेस विधेयक 2026
बिहार नगर विकास विधेयक 2026
भारतीय स्टाम्प (बिहार संशोधन) विधेयक 2026
निबंधन (बिहार संशोशन) विधेयक 2026
बिहार जुआ (प्रतिषेध) विधेयक 2026
बिहार माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026
बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक 2026
बिहार चिकित्सा (संशोधन) विधेयक 2026
बिहार नर्सेज पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026
बिहार चीनी उपक्रम (अर्जन) (संशोधन) विधेयक 2026
बिहार दुकान और प्रतिष्ठान (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (निरसन) विधेयक 2026
बिहार कृषि भूमि (गैर कृषि प्रयोजनों के लिए संपरिवर्तन) (निरसन) विधेयक 2026
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, धारा 144 लागू : सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए बिहार विधानसभा और उसके आस-पास के इलाकों में सोमवार (20 जुलाई) की सुबह से 24 जुलाई की शाम तक धारा 144 लागू कर दी गई है। इस दौरान परिसर के पास पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने, किसी भी प्रकार के प्रदर्शन, धरना, रैली या आंदोलन करने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
