पटना। निगरानी की छापेमारी के बाद आय से अधिक संपत्ति के आरोपों से घिरे अफसर दंपती का सरकारी सेवा में लंबा करियर रहा है। एडीएम (आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर ने अपने करियर की शुरुआत शिक्षक के रूप में की थी। वर्ष 2000 में शिक्षक की नौकरी से शुरुआत करने के बाद उन्होंने प्रशासनिक सेवा में कदम रखा और अलग-अलग जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी संभाली।

शिक्षक से जिला सूचना पदाधिकारी तक: निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अनुसार, रविंद्र कुमार दिवाकर वर्ष 2009 में जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी के रूप में बहाल हुए। इसके बाद प्रोन्नति के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियां बढ़ती गईं। कटिहार और दरभंगा में सीनियर डिप्टी कलेक्टर के रूप में सेवा देने के बाद वह सहरसा पहुंचे।वर्ष 2020 में उन्होंने समस्तीपुर में एसडीएम के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद गया और पटना में फिर सीनियर डिप्टी कलेक्टर के पद पर रहे। पिछले साल अक्टूबर से वह पटना में एडीएम (आपूर्ति) के पद पर तैनात हैं।

पत्नी 13 साल से सब-रजिस्ट्रार : रविंद्र कुमार दिवाकर की पत्नी कुमारी स्वीटी भी लंबे समय से सरकारी सेवा में हैं। उन्होंने वर्ष 2013 से सब-रजिस्ट्रार के रूप में काम शुरू किया। वर्ष 2013 से 2017 तक वह तेघरा में सब-रजिस्ट्रार रहीं। इसके बाद 2017 से 2021 तक हवेली खड़गपुर और 2021 से 2024 तक सकरा में सब-रजिस्ट्रार के पद पर रहीं। वर्ष 2024 से वह दानापुर में सब-रजिस्ट्रार के पद पर सेवा दे रही हैं।

निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में अफसर दंपती के पटना और बेगूसराय स्थित ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान नकदी, महंगी घड़ियां, आभूषण और संपत्ति व निवेश से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। निगरानी के मुताबिक, दंपती के खिलाफ दर्ज मामले में उनकी घोषित आय और संपत्तियों का मिलान किया जा रहा है। बरामद दस्तावेजों और अन्य संपत्तियों का सत्यापन जांच का हिस्सा है।

निगरानी विभाग के अनुसार, दोनों पदाधिकारियों के पैतृक संवर्ग को भी कार्रवाई की सूचना दी जाएगी। फिलहाल जांच एजेंसी बरामद संपत्तियों और दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

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