
विक्टोरिया (सेशेल्स)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत ऐसे हिन्द महासागर की परिकल्पना करता है, जहां समुद्री सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि भी सुनिश्चित हो। भारत के ह्यमहासागरह्ण दृष्टिकोण में साझेदारी का आधार देशों का आकार नहीं, बल्कि आपसी सम्मान और विश्वास है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा हमारा उद्देश्य हिन्द महासागर को अवसरों का महासागर बनाना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी संग द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त वक्तव्य के दौरान यह बात कही।
उन्होंने कहा कि उनकी यह यात्रा ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर हुई है, जब सेशेल्स अपनी स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे कर रहा है और भारत-सेशेल्स के राजनयिक संबंधों की भी 50वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। उन्होंने कहा, ह्यमेरी सेशेल्स यात्रा का संदेश स्पष्ट है। भारत ऐसे हिन्द महासागर की कल्पना करता है, जहां सम्मान, सहयोग पर आधारित साझेदारी से समुद्री सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि बढ़े। जहां हम हर देश के पास-पास नहीं, बल्कि साथ-साथ चलें। यह हमारा साझा घर है, जिसकी सुरक्षा और सततता की हमारी साझी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यही भारत के महासागर दृष्टिकोण का मूल आधार है।इससे पूर्व, राजधानी स्थित स्टेट हाउस में राष्ट्रपति हर्मिनी ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री शनिवार को सेशेल्स पहुंचे थे। वह सोमवार को सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस के स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। भारत सरकार की ओर से सेशेल्स के लिए 175 मिलियन डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की गई। इसके तहत 125 मिलियन डॉलर की रकम लाइन आॅफ क्रेडिट और 50 मिलियन डॉलर की अनुदान राशि शामिल है।भारत के सहयोग से बढ़ेगी सेशेल्स की क्षमता: सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने सेशेल्स में क्षमता और अवस्थापना विकास के क्षेत्र में भारतीय सहयोग पर आभार जताया।उन्होंने कहा कि विशेष आर्थिक पैकेज से सामाजिक आवास, ई-मोबिलिटी, व्यावसायिक प्रशिक्षण, स्वास्थ्य, रक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसी परियोजनाओं में मदद मिलेगी। युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने सहयोग के अगले अध्याय के लिए मजबूत आधार तैयार किया है। इस परिवर्तनकारी पहल के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।

