
रांची। पश्चिमी सिंहभूम जिले के मंझारी थाना क्षेत्र के बड़ा तोरलो गांव में अंधविश्वास और पारिवारिक रंजिश ने एक हंसते-खेलते परिवार को पलभर में तबाह कर दिया। डायन-बिसाही के शक और आपसी खुन्नस में एक व्यक्ति ने अपनी ही गर्भवती भाभी और आठ वर्षीय भतीजी की कुल्हाड़ी से बेरहमी से हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।जानकारी के अनुसार, मृतका ननिका बिरुवा की बेटी शर्मिला बिरुवा स्कूल से लौटने के बाद घर के बाहर बैठकर खाना खा रही थी। इसी दौरान उसका ताऊ रमाये बिरुवा नशे की हालत में हाथ में कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उसने बिना किसी विवाद के मासूम बच्ची पर अचानक हमला कर दिया और उसके सिर व कनपटी पर कई वार कर दिए।बेटी की चीख सुनकर गर्भवती मां ननिका बिरुवा उसे बचाने के लिए दौड़ी, लेकिन आरोपित ने उस पर भी कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उसके सिर और गर्दन पर कई वार किए गए, जिससे मां और बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय घर में मौजूद अन्य बच्चे किसी तरह भागकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।घटना के वक्त मृतका का पति दोकोल सिंह बिरुवा बैल चराने गया हुआ था। घर लौटने पर उसने पत्नी और बेटी को खून से लथपथ जमीन पर पड़ा देखा। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर वह बदहवास हो गया। उसने बताया कि उसके सामने पूरा परिवार उजड़ गया और अब उसके छोटे-छोटे बच्चों का सहारा भी छिन गया।प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित रमाये बिरुवा की शादी करीब पांच वर्ष पहले हुई थी, लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी। वह अक्सर नशे में रहता था और अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। बताया जाता है कि उसकी पत्नी कई बार डरकर अपने देवर-देवरानी के घर चली जाती थी। इसी बात को लेकर आरोपित के मन में लंबे समय से नाराजगी थी। साथ ही वह अंधविश्वास के चलते अपनी भाभी पर डायन-बिसाही का शक भी करता था। पुलिस का मानना है कि इसी मानसिकता और पारिवारिक विवाद के कारण उसने इस दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया।
