
मथुरा (उप्र) । भगवान कृष्ण के जीवन और किंवदंतियों से जुड़े प्रमुख तीर्थस्थल मथुरा और वृंदावन को जन्माष्टमी समारोह से पहले विस्तृत सजावट एवं चमकदार रोशनी से सजाया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यहां चौराहों और प्रमुख सड़कों पर विशेष सजावट की गई है, विशेषकर कृष्ण जन्मभूमि और अन्य प्रमुख मंदिरों की ओर जाने वाली सड़कों पर, जो तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं।



अधिकारियों के अनुसार ब्रज तीर्थ विकास परिषद, उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ‘श्रीकृष्ण जन्मोत्सव-2026’ के तहत देश भर से 1,000 से अधिक कलाकार दो दर्जन से अधिक छोटे मंचों व लगभग आधा दर्जन प्रमुख मंचों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे हैं। भक्तों का स्वागत बीन की मधुर धुनों वाले प्रदर्शनों से किया जा रहा है, जबकि ढोल और नगाड़ों की थाप एवं जीवंत लोक नृत्य उत्सव के माहौल में चार चांद लगा रहे हैं।
परिषद के पदेन मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लक्ष्मी नागप्पन ने बताया कि कान्हा के जन्मोत्सव का उल्लास अब ब्रजभूमि में परवान चढ़ने लगा है। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर मथुरा-वृंदावन की गलियां, चौराहे और प्रमुख सांस्कृतिक स्थल एक बार फिर श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। परिषद की ओर से व्यापक सांस्कृतिक आयोजन किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य मनोरंजन ही नहीं, बल्कि ब्रज की समृद्ध लोक परंपरा, संगीत व कला को श्रद्धालुओं के सामने जीवंत करना भी है।
यही नहीं, डैम्पीयर नगर में बने विशाल प्रेक्षागृह (पांचजन्य) में आज से त्रिदिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव प्रारंभ हो गया है, जिसमें कन्हैया मित्तल जैसे अनेक प्रसिद्ध कलाकार अगले 3 दिन तक कृष्ण भक्ति और ब्रज संस्कृति की झलक से जुड़ी प्रस्तुतियां देंगे। नागप्पन के अनुसार इनके अलावा प्रमुख मार्गों और चौराहों पर ‘स्ट्रीट परफॉर्मर’ भी अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। करीब 350 कलाकार बीन, ढोल, नगाड़े, ढपली, शहनाई, बेला-तबला आदि वाद्ययंत्रों के माध्यम से श्रद्धालुओं को रिझा रहे हैं।
जन्माष्टमी के उत्सव में इस बार आकाश भी कृष्णमय होगा। परिषद द्वारा पहली बार मथुरा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर चार सितंबर की रात 9 से 10 बजे तक विशेष ड्रोन शो आयोजित किया जाएगा। किशोरी रमण बीएड कॉलेज से बॉटलैब डायनामिक्स के इस भव्य लाइट शो में 500 ड्रोन शामिल होंगे। आसमान में उड़ते ड्रोन कृष्ण लीला से जुड़ी विभिन्न आकृतियां बनाएंगे।

