
रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच सहित अन्य मांगों को लेकर जयपाल सिंह स्टेडियम में छात्र-युवा अभ्यर्थियों का सत्याग्रह गुरुवार को 13वें दिन भी जारी रहा। इस दौरान पहले से ही बडी संख्या में जुटे छात्र और अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांगे पूरी होने तक आंदोलन करने का आह्वान किया।



आंदोलनकारियों ने अपील करते हुए कहा कि हेमंत काका जेपीएससी को बचाइए। इससे संबंधित कई पोस्टर अनशन स्थल पर लगाए गए थे। छात्रों का कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद भी यदि भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं होगी तो युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि लगातार उठाई जा रही मांगों के बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
इधर, दिनभर धरनास्थल पर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आंदोलन को समर्थन दिया। इस दौरान रितेश कुमार, रूबिका, कल्याेणी कुमारी सहित अन्य कई छात्र अभ्यर्थियों ने कहा कि अब यह आंदोलन सिर्फ जेपीएससी तक सीमित नहीं रह गया है। हेमंत सरकार को जेपीएससी की परीक्षाएं तो रद्द करनी ही पडेगी, क्योंकि झारखंड की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों से प्रभावित युवाओं की साझा लड़ाई बन चुकी है। यह आंदोलन और बडा रूप ले रहा है।
धरनास्थल पर मौजूद छात्र प्रतिनिधियों ने कहा कि हमारा संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था के लिए है। छात्रों ने कहा कि जब तक जेपीएससी, जेएसएससी सहित अन्य परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और युवाओं को न्याय नहीं मिलता, तब तक सत्याग्रह और आमरण अनशन जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार से उनकी मांगों को पूरा करने की बात पर शीघ्र वार्ता कर समस्याओं का समाधान निकालने और अभ्यर्थियों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में कार्रवाई करने की मांग की। इस अवसर पर बडी संख्या में छात्र-छात्राएं सहित अन्य लोग मौजूद थे।

