रांची । झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने सरायकेला विधानसभा सीट से पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के खिलाफ गणेश महली को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं खूंटी विधानसभा सीट से स्नेहलता कुंडलना की जगह रामसूर्य मुंडा को उम्मीदवार बनाया गया है। सरायकेला के जेएमएम प्रत्याशी गणेश महली ने वर्ष 2014 और 2014 में बीजेपी प्रत्याशी के रूप में चंपाई सोरेन को कड़ी टक्कर दी। चंपाई सोरेन और गणेश महली के अब फिर से एक-दूसरे के सामने चुनाव मैदान में होंगे लेकिन दोनों ही नेता अलग-अलग दलों से उम्मीदवार होंगे। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में जेएमएम प्रत्याशी चंपाई सोरेन को 111554 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी के गणेश महली को 95887 वोट मिले।

इससे पहले 2014 के चुनाव में चंपाई सोरेन को 94746 वोट मिले और गणेश महली को 93631 वोट मिले थे। इस तरह से दो बार गणेश महली काफी कम अंतर से चंपाई सोरेन से चुनाव में हार गए। इस बार सरायकेला में जोरदार टक्कर होने की होने की संभावना है।

31 जनवरी 2024 को हेमंत सोरेन ने अपनी गिरफ्तारी के बाद चंपाई सोरेन को मुख्यमंत्री की कुर्सी दी। लेकिन उनके जेल से निकलने बाहर निकलने पर भी चंपाई सोरेन ने पद छोड़ने में दिलचस्पी नहीं दिखाई तो जेएमएम विधायक दल की बैठक बुलाकर हेमंत सोरेन को फिर से नेता चुन लिय गया। हेमंत सोरेन के फिर से सीएम बनने के बाद चंपाई सोरेन ने मंत्री पद भी स्वीकार कर लिया। लेकिन बाद में वो बीजेपी में शामिल हो गए और मंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया।

गणेश महली तीन दिन पहले ही जेएमएम में शामिल हुए : बीजेपी के वरिष्ठ नेता रहे गणेश महली तीन दिन पहले ही झारखंड मुक्ति मोर्चा में शामिल हुए थे। लेकिन पहली, दूसरी और तीसरी सूची में सरायकेला सीट से उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया गया। चौथी सूची में गणेश महली को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की गई।

अब सिर्फ जामा सीट के लिए उम्मीदवार की घोषणा बाकी : जेएमएम की ओर से अब सिर्फ जामा विधानसभा सीट के लिए उम्मीदवार की घोषणा होना बाकी है। गणेश महली के साथ ही बीजेपी की वरिष्ठ नेता लुईस मरांडी भी जेएमएम में शामिल हुई थीं। ऐसी संभावना है कि जेएमएम की ओर से लुईस मरांडी को ही जामा से उम्मीदवार बनाया जाएगा।

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